ब्रेकिंग
Dewas Firecracker Factory Blast: देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में मौतों का आंकड़ा हुआ 6, आरोपियों पर... Delhi Infrastructure: पीएम गतिशक्ति से मजबूत हुई दिल्ली की कनेक्टिविटी, 'इग्जेम्प्लर' श्रेणी में राज... LU Paper Leak Scandal: 'तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है', ऑडियो वायरल होने के बाद असिस्टेंट प्रोफे... Jaunpur News: सपा सांसद प्रिया सरोज की AI जेनरेटेड आपत्तिजनक फोटो वायरल, बीजेपी नेता समेत 2 पर FIR द... Kashmir Terror Hideout: बांदीपोरा में सुरक्षाबलों का बड़ा एक्शन, 'सर्च एंड डिस्ट्रॉय' ऑपरेशन में आतं... Delhi News: दिल्ली में सरकारी दफ्तरों का समय बदला, सीएम रेखा गुप्ता ने ईंधन बचाने के लिए लागू किए कड... Maharashtra IPS Transfer: महाराष्ट्र में 96 IPS अफसरों के तबादले, '12th Fail' वाले मनोज शर्मा बने मु... Aurangabad News: औरंगाबाद के सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़, टीसी देने के बहाने घर बुलाने का आर... Asansol Violence: आसनसोल में लाउडस्पीकर चेकिंग के दौरान बवाल, पुलिस चौकी पर पथराव और तोड़फोड़ Sabarimala Temple: सबरीमाला मंदिर के कपाट मासिक पूजा के लिए खुले, दर्शन के लिए वर्चुअल बुकिंग अनिवार...
टेक्नोलॉजी

Call Drop और Slow Internet से मिलेगी ‘छुटकारा’, ये है सरकार का प्लान

कॉल ड्रॉप और स्लो इंटरनेट, ये दो ऐसी बड़ी परेशानियां हैं जिससे हर आदमी जूझ रहा है. आए दिन सोशल मीडिया पर लोग इस बात को लेकर शिकायत करते हैं कि खराब नेटवर्क के कारण बार-बार कॉल कट जाती है, कुछ लोगों को कॉल तो कुछ लोगों को खराब नेटवर्क की वजह से इंटरनेट चलाने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है. लेकिन अब बस बहुत हुआ, जल्द आप लोगों को स्लो इंटरनेट और कॉल ड्रॉप की समस्या से छुटकारा मिल सकता है.

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DOT) अब टेलीकॉम सेवाओं की गुणवता से जुड़े नियमों को सख्त करने की तैयारी में है. दूरसंचार विभाग ने इस मामले में सभी टेलीकॉम कंपनियों से राय देने को कहा है. टेलीकॉम सेवाओं का दायरा बढ़ने के साथ ही सेवाओं से जुड़ी लोगों की शिकायतों में भी इजाफा देखने को मिला है जिसमें स्लो इंटरनेट और कॉल ड्रॉप आदि शामिल है.

अब दूरसंचार विभाग ने लोगों को हो रही इस परेशानी को दूर करने के लिए गुणवत्ता नियमों को सख्त करने का मन बना लिया है. इसके अलावा हर राज्य के मुताबिक, सेवाओं के गुणवत्ता पैरामीटर तय किए जाएंगे. टेलीकॉम कंपनियों को हर हाल में गुणवत्ता के लिए तय किए गए मानकों का पालन करना होगा.

हर महीने टेलीकॉम कंपनियों को देनी होगी रिपोर्ट

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम द्वारा टेलीकॉम कंपनी से राय मांगी गई है और कंपनियों को 15 दिनों के भीतर अपनी राय देनी होगी. टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने टेलीकॉम सर्विस को बेहतर बनाने के लिए सिफारिश की थी. कंपनियों को हरेक राज्य के मुताबिक, सरकार को डेटा देना होगा जिससे हरेक क्षेत्र में टेलीकॉम सेवाओं की हकीकत सामने आएगी. खासतौर पर टेलीकॉम विभाग कॉलड्राप और इंटरनेट की स्लो स्पीड को परख सकेगा. टेलीकॉम कंपनियों को हर महीने सरकार को रिपोर्ट देनी होगी. रिपोर्ट के आधार पर सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए जाएंगे.

Related Articles

Back to top button