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पंजाब

भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने ऐतिहासिक फैसले लेकर बाढ़ पीड़ितों के साथ एकजुटता व्यक्त की

चंडीगढ़, 8 सितंबर

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने आज ऐतिहासिक फैसले लेते हुए ‘जिसका खेत, उसकी रेत’ की जन-हितैषी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत एक विशेष अवसर प्रदान करते हुए किसानों को भयंकर बाढ़ के कारण खेतों में जमा रेत और मिट्टी निकालने के साथ-साथ, यदि वे चाहें, तो इसे बेचने की छूट दी जाएगी।
इस बारे में फैसला आज सुबह मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उनकी सरकारी आवास पर हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया। मुख्यमंत्री ने इस बैठक में मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से वर्चुअल रूप से भाग लिया, जहां वे इलाज के लिए भर्ती हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि बाढ़ के कारण पानी की मार झेल रहे खेतों में रेत और मिट्टी जमा हो चुकी है। इन खेतों के किसानों को बड़ी राहत देने के लिए यह फैसला लिया गया कि किसानों को अपने खेतों में जमा रेत और मिट्टी निकालने की अनुमति दी जाएगी और यदि वे चाहें तो इसे बेच भी सकेंगे। ‘जिसका खेत, उसकी रेत’ नीति के तहत सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में किसानों को इस साल 31 दिसंबर तक बिना किसी परमिट के अपनी जमीन से रेत निकालने की अनुमति होगी।

कृषि योग्य जमीन से मिट्टी/रेत/नदियों के माध्यम से जमा सामग्री निकालने का यह एकमुश्त अवसर माना जाएगा, लेकिन इसे खनन सामग्री नहीं माना जाएगा। संबंधित जिले का डिप्टी कमिश्नर जिले में प्रभावित गांवों की सूची घोषित करेगा, जहां बाढ़ के कारण रेत या गाद जमा होने से प्रभावित किसानों/काश्तकारों/किसान समूहों द्वारा मिट्टी/रेत/नदियों के माध्यम से जमा सामग्री को निकालने और ढोने का कार्य किया जा सकेगा। हाल ही में आई बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए सभी जिला खनन अधिकारियों के साथ-साथ जिला और उप-मंडल स्तर की निगरानी कमेटियां प्रभावित खेतों से मिट्टी/रेत/नदियों के माध्यम से जमा सामग्री को बिना जमीन की मूल सतह के साथ छेड़छाड़ किए हटाने और ढोने में सहयोग करेंगी।

फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मंत्रिमंडल ने फैसला किया कि पंजाब सरकार प्रति एकड़ 20,000 रुपए का मुआवजा देगी, जो न केवल पंजाब में बल्कि पूरे देश में अब तक का सबसे अधिक मुआवजा है। गंभीर संकट में फंसे किसानों को उबारने के लिए राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है ताकि किसानों को अत्यंत आवश्यक राहत दी जा सके।

*पंजाब टाउन इम्प्रूवमेंट एक्ट, 1922 में संशोधन को मंजूरी*
मंत्रिमंडल ने राज्य की शहरी स्थानीय इकाइयों को म्यूनिसिपल डेवलपमेंट फंड के माध्यम से इम्प्रूवमेंट ट्रस्टों के फंडों का उपयोग करने में सक्षम बनाने के लिए पंजाब टाउन इम्प्रूवमेंट एक्ट, 1922 में संशोधन को मंजूरी दे दी। राज्य सरकार द्वारा शहरी बुनियादी ढांचे के कार्यों के लिए म्यूनिसिपल डेवलपमेंट फंड की स्थापना की गई थी, जिसके लिए प्रत्येक वर्ष प्रांतीय बजट से धन प्राप्त होता है। शहरी निकाय इकाइयों द्वारा शहरी बुनियादी ढांचे के कार्यों के लिए इम्प्रूवमेंट ट्रस्टों को अपनी संपत्तियों के निपटान से प्राप्त फंडों का उपयोग करने में सक्षम बनाने के लिए इस एक्ट में धारा 69बी जोड़ी गई है, जिसके तहत जमीन, इमारतों या अन्य चल-अचल संपत्तियों के निपटान से ट्रस्ट को मिलने वाले धन का हिस्सा, जैसा कि निर्धारित हो, म्यूनिसिपल डेवलपमेंट फंड में स्थानांतरित किया जाएगा।

*बिक्रम मजीठिया के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी*
मंत्रिमंडल ने पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 19 के तहत मुकदमा चलाने की सहमति दे दी। पंजाब के एडवोकेट जनरल (ए.जी.) की सलाह के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी के मामले पर पहले मंत्रिमंडल में विचार करने की आवश्यकता थी और इसके बाद यह मामला अब आगे के आदेश के लिए राज्यपाल को भेजा जाएगा।

*खरीफ खरीद सीजन 2025 के लिए कस्टम मिलिंग नीति को मंजूरी*
मंत्रिमंडल ने 16 सितंबर से 30 नवंबर 2025 तक चलने वाले धान की खरीद के लिए खरीफ खरीद सीजन 2025-26 के लिए कस्टम मिलिंग नीति को हरी झंडी दे दी। ‘खरीफ 2025-26 के लिए पंजाब कस्टम मिलिंग नीति’ के प्रस्तावों के अनुसार चावल मिलों को विभाग द्वारा समय पर मंडियों के साथ ऑनलाइन जोड़ा जाएगा। चावल मिलों के लिए आर.ओ.
स्कीम के तहत धान का आवंटन एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आटोमेटिक होगा। योग्य चावल मिलों में धान, इस नीति के प्रस्तावों और प्रांतीय एजेंसियों व चावल मिल मालिकों के बीच हुए समझौते के अनुसार भंडारित होगा। ‘खरीफ 2025-26 के लिए पंजाब कस्टम मिलिंग नीति’ में प्रस्तावित है कि चावल मिल मालिकों को नीति और समझौते के अनुसार 31 मार्च, 2026 तक भंडारित धान का बनता चावल डिलीवर करना होगा।

पंजाब स्टेट माइनर मिनरल पॉलिसी-2023 में संशोधन को हरी झंडी*
रेत खदानों के आवंटन को और प्रभावी बनाने, अतिरिक्त राजस्व जुटाने और रेत-बजरी की आपूर्ति बढ़ाने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब स्टेट माइनर मिनरल पॉलिसी, 2023’ और ‘पंजाब माइनर मिनरल्स रूल्स, 2013’ के संबंधित नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी। ‘पंजाब स्टेट माइनर मिनरल पॉलिसी 2023’ और ‘पंजाब माइनर मिनरल्स रूल्स 2013’ दोनों में ये संशोधन नीलामी प्रक्रियाओं, खनन के अधिकार देने, रियायत की अवधि, रियायत की राशि, जमानत राशि का भुगतान, पर्यावरण मंजूरी मांगने के लिए जिम्मेदारी में बदलाव, ‘डेड रेंट’ की अवधारणा लाने से संबंधित हैं। इन नए नियमों/संशोधनों को मौजूदा पंजाब स्टेट माइनर मिनरल्स पॉलिसी, 2023 और पंजाब स्टेट माइनर मिनरल्स रूल्स 2013 में जोड़ा/बदला जाएगा। इसके अलावा, 30 अप्रैल 2025 की पंजाब स्टेट माइनर मिनरल (संशोधन) नीति के अनुसार रॉयल्टी की दरों में भी वृद्धि करने की आवश्यकता है। इसके तहत स्टेट जियोलॉजिस्ट के पास नियम 87 के अनुसार मूल्यांकन आदेशों के खिलाफ अपील सुनने की शक्तियां होंगी। वर्तमान में यह पद खाली है, इसलिए विभाग के अन्य अधिकारियों को ये शक्तियां देने के लिए सरकार को अधिकृत करने का प्रस्ताव है ताकि अपीलों से संबंधित कार्य प्रभावित न हो।

*एस.एम.ई.टी. के गठन को मंजूरी*
मंत्रिमंडल ने राज्य में खनिज संसाधनों के योजनाबद्ध विकास और इनकी खोज के कार्यों की निगरानी के लिए पंजाब स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एस.एम.ई.टी.) के गठन को भी सहमति दे दी। यह ट्रस्ट विजन, मिशन प्लान, खोज के लिए मास्टर प्लान तैयार करेगा, जंगल क्षेत्र की खोज के लिए फंड जुटाएगा, सर्वेक्षण सुविधा, क्षमता वृद्धि वाले कार्यक्रम आयोजित करेगा, खोज और विकास गतिविधियों की योजना बनाएगा, विभागीय प्रयोगशाला को मजबूत और उन्नत करेगा, अधिकारियों और तकनीकी व्यक्तियों की नियुक्ति करेगा, स्टेट मिनरल डायरेक्ट्री विकसित करेगा, नवाचार को प्रोत्साहित करेगा, खोज परियोजनाओं के लिए लॉजिस्टिक सहयोग प्रदान करेगा और तकनीक व अन्य उद्देश्यों की उपयोगिता के माध्यम से खनन और संबंधित गतिविधियों की निगरानी करेगा।

*एस.एस.ए. के तहत गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की सहमति*
मंत्रिमंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग में 1007 पदों का सृजन और ‘समग्र शिक्षा अभियान’ (एस.एस.ए.) के तहत गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने के लिए भी सहमति दे दी। इससे एस.एस.ए. के गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने का रास्ता साफ होगा और सरकारी ढांचे में अनुभवी कर्मचारियों के शामिल होने से शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और अन्य कानूनी अड़चनें दूर होंगी।

*पंजाब एजुकेशन सर्विस रूल्स-2018 में संशोधन को मंजूरी*
मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया को और सुचारू बनाने के लिए पंजाब एजुकेशन सर्विस रूल्स-2018 में संशोधन को मंजूरी दे दी। 2018 के मौजूदा नियमों में कुछ कैडरों के लिए पदोन्नति का कोई अवसर नहीं था, लेकिन अब इन नियमों में संशोधन के साथ पी.टी.आई. (एलिमेंट्री), प्री-प्राइमरी अध्यापकों, स्पेशल एजुकेटर अध्यापकों (सेकेंडरी) और स्पेशल एजुकेटर अध्यापकों (एलिमेंट्री) और वोकेशनल मास्टर्स को पदोन्नति के नए अवसर मिलेंगे। इस संशोधन से लगभग 1500 शिक्षकों को लाभ मिलेगा। इस संशोधन से नई भर्तियों का रास्ता खुलेगा और इच्छुक उम्मीदवारों के लिए नौकरियों के नए अवसर पैदा होंगे।

*कम्युनिटी सर्विस गाइडलाइंस-2025 को हरी झंडी*
मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब कम्युनिटी सर्विस गाइडलाइंस-2025’ को भी हरी झंडी दे दी। इसका उद्देश्य पंजाब, हरियाणा और यू.टी. चंडीगढ़ की जिला अदालतों में एकरूपता लाना है ताकि तीन नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके, जिनके तहत बी.एन.एस.एस. की धारा 23(2), या जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 की धारा 18(1)(सी) या देश भर के अन्य कानूनों के तहत सामुदायिक सेवा की सजा दी जाती है।

जिला परिषदों से स्वास्थ्य विभाग में स्थानांतरण के अवसर पर ग्रामीण मेडिकल अधिकारियों को ‘वेतन संरक्षण’ का लाभ*
पंजाब मंत्रिमंडल ने जिला परिषदों के तहत कार्यरत ग्रामीण मेडिकल अधिकारियों को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में स्थानांतरण (शामिल होने) के अवसर पर उनके ‘वेतन संरक्षण’ को सुनिश्चित करने की भी मंजूरी दे दी। इन चिकित्सा अधिकारियों के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में स्थानांतरण/शामिल होने के बाद ‘वेतन संरक्षण’ का लाभ इस शर्त पर मिलेगा कि ‘वेतन संरक्षण’ के अलावा पिछली सेवा का लाभ किसी अन्य उद्देश्य के लिए लागू नहीं होगा।

*सरकारी डॉक्टरों के सम्मान के लिए नीति तैयार करने की सहमति*
मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के तहत कार्यरत सरकारी डॉक्टरों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित करने के लिए नीति तैयार करने की भी सहमति दे दी। इसके तहत सभी डॉक्टर, चाहे वे विभाग में नियमित हों या अनुबंध पर, अपनी संबंधित श्रेणियों में यह सम्मान प्राप्त करने के हकदार होंगे।

*पंजाब पुलिस में 1600 नई एन.जी.ओ. पदों का सृजन*
पुलिस जांच में कार्य कुशलता और नई चुनौतियों, विशेष रूप से एन.डी.पी.एस. मामलों और अन्य संगठित अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए थानों को मजबूत करने हेतु मंत्रिमंडल ने पंजाब पुलिस के जिला कैडर में 1600 नई गैर-राजपत्रित अधिकारी (एन.जी.ओ.) पदों (ए.एस.आई., एस.आई. और इंस्पेक्टर) के सृजन की मंजूरी दे दी। इस फैसले के अनुसार, पंजाब पुलिस के जिला कैडर में 1600 नई एन.जी.ओ. पद (150 इंस्पेक्टर, 450 सब इंस्पेक्टर और 1000 ए.एस.आई.) सृजित किए जाएंगे और ये पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे, जिसके परिणामस्वरूप खाली होने वाली 1600 कांस्टेबल पदों पर भी भर्ती की जाएगी। यह फैसला पुलिस विभाग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि जमीनी स्तर पर उचित तैनाती के साथ-साथ एन.डी.पी.एस. एक्ट के मामलों, जघन्य अपराधों, साइबर अपराधों और अन्य आर्थिक अपराधों के मामलों की जांच में कार्यकुशलता और निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

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