ब्रेकिंग
Haryana PGT Seniority List Revised: हरियाणा में दिव्यांग श्रेणी के 19 पीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता सू... Haryana Road Safety Initiative: हरियाणा में सड़क किनारे खड़े अनुपयोगी बिजली खंभों को हटाने का अभियान... HPSC HCS Final Result 2026: हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, अभिषेक सरोहा ने किया टॉ... बेटी से छेड़खानी करने वाले का हाथ काटने वाले को 2 लाख का इनाम देंगे सांसद पप्पू यादव Kasganj Crime News: कासगंज में डेढ़ माह के मासूम बच्चे की खरीद-फरोख्त का खुलासा, मां समेत पांच आरोपी... Shiva Sharma Murder Case: लखनऊ में शिवा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे कर सकती है सरेंडर, पुल... कुरुक्षेत्र के पास जम्मू-कश्मीर जा रही बस पर पथराव, सीएम उमर अब्दुल्ला ने जताई नाराजगी साधारण परिवार की बेटी से कैसे अंडरवर्ल्ड और माफिया के संपर्क में आई श्रद्धा दुबे? जानिए पूरी क्राइम ... आंध्र प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग, जगन ने नायडू सरकार पर लगाया ‘जंगल राज’ का आरोप ग्वालियर सड़क हादसे पर सीएम मोहन यादव का कड़ा एक्शन, सीएसपी हटाए गए और 3 थाना प्रभारियों समेत 8 पुलि...
पंजाब

पंजाब के गांव में एक Announcement से लोगों में मच गई भगदड़, हालात ऐसे कि…

पातड़ां: सब डिवीजन पातड़ां के गांवों से होकर गुजरने वाली घग्गर नदी का जलस्तर पिछले करीब एक हफ्ते से घटने का नाम ही नहीं ले रहा है। आज सुबह हरचंदपुरा के पास घग्गर नदी में अचानक दरार (पाड़) पड़ गई, जिससे गांव के लोगों में हड़कंप मच गया। दरार पड़ने की घोषणा गांवों में कर दी गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग नदी की ओर पहुंच गए।

जानकारी के अनुसार खनौरी हेडवर्क्स पर पानी का स्तर खतरे के निशान से करीब अढ़ाई फुट ऊपर लगातार बह रहा है। सुबह 6 बजे पानी का स्तर 750.6 फुट और 14,450 क्यूसेक मापा गया। इस स्थिति को देखते हुए हरचंदपुरा के खेतों में जब घग्गर का पानी निकलना शुरू हुआ, तो किसानों ने खुद मेहनत करके नदी में पड़ी दरार को भरना शुरू कर दिया। स्थानीय लोग इस समय प्रशासन से मदद की मांग कर रहे हैं।

बता दें कि इसी तरह दिल्ली-जम्मू कटरा एक्सप्रेसवे के शुत्राणा नजदीकी गांव – शुत्राणा, रसौली, नाईवाला, जोगेवाल, गुलाहड़, होतीपुर और नवां गांव – के किसान भी बांध को मजबूत करने में 24 घंटे से जुटे हुए हैं। वहां भी खतरा बरकरार बना हुआ है। किसानों की धड़कनें तेज हो चुकी हैं। इसी कारण अलग-अलग गांवों के लोग लगातार नदी पर नज़र रख रहे हैं। किसान अपनी फसलें बचाने के लिए दिन-रात डटे हुए हैं और दर्जनों गांवों के लोग अपने दम पर घग्गर के किनारों को मजबूत करने में लगे हुए हैं।

Related Articles

Back to top button