ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ... नोएडा में 'स्पेशल 26' स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गि... बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद फिर छिड़ी बहस, NCAER रिपोर्ट के बाद जीतन राम मांझी का बड़... जालोर में गोमाता के प्रति अनूठी आस्था, 'राधा' गाय पहनती है 10 किलो चांदी के गहने, बन रहा 1 करोड़ का ... ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर का 10 हजार नौकरियों का बड़ा ऐलान, बिहार के सियासी गलियारों में मचा हड़...
मध्यप्रदेश

MPPSC का प्री और मेन्स किया पास, इंटरव्यू से पहले टूटी हड्डी… एंबुलेंस से पहुंचे साक्षात्कार देने और मेरिट में पाया पहला स्थान, कहानी दिव्यांग हिमांशु सोनी कीMPPSC का प्री और मेन्स किया पास, इंटरव्यू से पहले टूटी हड्डी… एंबुलेंस से पहुंचे साक्षात्कार देने और मेरिट में पाया पहला स्थान, कहानी दिव्यांग हिमांशु सोनी की

मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है, हर पहलू ज़िंदगी का इम्तिहान होता है, डरने वालों को मिलता नहीं कुछ ज़िंदगी में, लड़ने वालों के कदमों में जहां होता है…इन लाइनों को मध्य प्रदेश के जबलपुर के अधारताल के रहने वाले हिमांशु सोनी ने सच साबित कर दिखाया, जो एक दिव्यांग हैं. इसके बावजूद उन्होंने कभी हालात से हार नहीं मानी. MPPSC की प्री और मेन्स परीक्षा पास करने के बाद जब इंटरव्यू का वक्त आया तो इससे पहले उनकी हड्डी टूट गई थी, लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और आज एक नया मुकाम हासिल कर लिया.

साल 2022 में वह राज्य सेवा परीक्षा पास कर स्कूल शिक्षा विभाग में सहायक संचालक बने और वर्तमान में जबलपुर के लोक शिक्षण विभाग में पदस्थ हैं. अब 2024 की मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा में उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. हिमांशु ने न सिर्फ दिव्यांग वर्ग में प्रदेश में पहला स्थान पाया है. बल्कि, सामान्य मेरिट लिस्ट में भी 13वां स्थान प्राप्त किया है.

ऑपरेशन के 5 दिन बाद दिया इंटरव्यू

हिमांशु की इस सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी है. प्री और मेन्स परीक्षा पास करने के बाद जब इंटरव्यू का समय आया तो 19 अगस्त को घर पर नहाते समय वह गिर गए और उनकी हड्डी टूट गई. 23 अगस्त को उनका ऑपरेशन हुआ. जब कोई ऐसा वक्त पड़ता है तो ज्यादातर लोग परीक्षा छोड़ना ही बेहतर समझते हैं, लेकिन हिमांशु ने हार नहीं मानी. 28 अगस्त को इंटरव्यू के दिन वह एंबुलेंस से पहुंचे और वहीं चार सदस्यीय पैनल ने उनका इंटरव्यू लिया. इतनी कठिन परिस्थितियों में भी हिमांशु ने हिम्मत दिखाई और शानदार सफलता हिसाल की.

हिमांशु के माता-पिता रिटायर्ड टीचर

हिमांशु के माता-पिता माधवी सोनी और महेंद्र कुमार सोनी, दोनों ही रिटायर्ड टीचर हैं. बेटे की यह उपलब्धि उनके लिए गर्व का पल है. हिमांशु की कहानी इस बात का प्रमाण है कि दिव्यांगता केवल शारीरिक होती है, मानसिक दृढ़ता और इच्छाशक्ति से इंसान किसी भी मंज़िल तक पहुंच सकता है. हिमांशु ने यह साबित कर दिया कि जिंदगी में हर मोड़ पर एक इम्तिहान है, लेकिन उनसे डरने की बजाय उनका हिम्मत से सामना करना चाहिए.

Related Articles

Back to top button