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पंजाब की राजनीति में बड़ी हलचल! कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी आई सामने

जालंधर: कांग्रेसी के संगठन सृजन अभियान के तहत जिला कांग्रेसी देहाती के प्रधान पद की चयन प्रक्रिया में करतारपुर हलका में कांग्रेसी नेताओं की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। राजिंदर नगर में स्थित जिला कांग्रेसी कार्यालय में आज दो अलग-अलग बैठकें की गई। पहली बैठक सुबह 10 बजे पूर्व विधायक चौधरी सुरिंदर सिंह की अगुवाई में हुई, जबकि दूसरी बैठक दोपहर 12 बजे हलका इंचार्ज राजिंदर सिंह की अगुवाई में बुलाई गई।

दोनों बैठकों में संगठन सृजन अभियान के जिला जालंधर देहाती के आब्जर्वर और छत्तीसगढ़ से विधायक भुवन कापड़ी मौजूद रहे। उन्होंने कार्यकर्त्ताओं के विचार सुने और बंद कमरे में दोनों गुटों से जिला प्रधान पद को लेकर राय जानी। हालांकि अभियान का उद्देश्य कांग्रेसी संगठन को मजबूत करना है, मगर जिस तरह गुटबाजी और धड़ेबंदी खुलकर सामने आई है, उससे पार्टी की हालत और कमजोर होती दिख रही है। क्योंकि ऐसे हालात पार्टी को 2027 के मिशन में और पीछे धकेल सकते हैं। वहीं कांग्रेसी के कार्यकर्त्ता इस गुटबाजी से हताश और निराश हैं। संगठन मजबूत होने की बजाय और बिखरता दिख रहा है। कार्यकर्त्ताओं का कहना है कि नेताओं की आपसी लड़ाई पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित होगी और कार्यकर्त्ताओं का मनोबल गिराएगी। यह पूरा घटनाक्रम साफ दर्शाता है कि कांग्रेसी की गुटबाजी अब जमीनी स्तर तक पहुंच चुकी है। नेताओं की महत्वाकांक्षा और आपसी खींचतान संगठन के लिए बड़ी रुकावट बन रही है, जिसे कार्यकर्ताओं की उम्मीदें टूटती जा रही हैं।

सांसद चन्नी की एंट्री से बदले समीकरण
संगठन सृजन अभियान को लेकर कांग्रेसी आलाकमान का स्पष्ट आदेश है कि अभियान के दौरान वरिष्ठ नेता किसी तरह की दखलअंदाजी नहीं करेंगे। मगर गत 16 सितम्बर को आब्जर्वर भुवन कापड़ी द्वारा की गई जिला देहाती के 5 विधानसभा हलका के नेताओं की पहली मीटिंग के उपरांत अचानक सांसद चरणजीत सिंह चन्नी की एंट्री ने पूरे समीकरण बदल दिए। चन्नी ने चौधरी सुरिंदर के साथ भुवन कापड़ी से एक होटल में मुलाकात की, जहां जिला देहाती से जुड़े कुछ वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। इस मुलाकात के बाद चौधरी और राजिंदर गुट अलग-अलग बैठक करने पर उतर आए। दोनों गुटों में सहमति न बन पाने के बाद भुवन कापड़ी ने करतारपुर की बजाय जालंधर शहर स्थित कांग्रेसी भवन में अलग-अलग बैठकें करने का फैसला लिया। इसके बाद दोनों नेताओं ने अपने-अपने कार्यकर्त्ताओं को करतारपुर से जालंधर लाकर शक्ति प्रदर्शन किया।

जिला प्रधान लाडी शेरोवालिया की कार्यशैली पर उठे सवाल
गुटबाजी की इस कंट्रोवर्सी में जिला कांग्रेसी देहाती के मौजूदा प्रधान लाडी शेरोवालिया भी शामिल हो गए। उन्होंने सुबह चौधरी सुरिंदर की बैठक से पूरी तरह से दूरी बनाए रखी, लेकिन राजिंदर सिंह की बैठक में समय से पहले पहुंच गए और पूरा समय मंच पर बैठे रहे। उनकी इस कार्यशैली ने उनके पक्षपात पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि शेरोवालिया खुद भी जिला कांग्रेसी देहाती के प्रधान पद को दोबारा पाने की रेस में शामिल हैं।

आज फिल्लौर हलका को लेकर चौधरी बनाम चन्नी का होगा मुकाबला
संगठन सृजन अभियान के तहत 19 सितम्बर को फिल्लौर विधानसभा हलके से संबंधित कार्यकर्त्ताओं की भी दो अलग-अलग बैठकें स्थानीय जिला कांग्रेसी भवन में होंगी। एक बैठक स्थानीय विधायक विक्रमजीत सिंह चौधरी बुलाएंगे, जबकि दूसरी सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के पुत्र नवजीत सिंह की अगुवाई में होगी। जिला देहाती से संबंधित विधानसभा हलका को लेकर होने वाली दोनों मीटिंगों का यह मुकाबला दिलचस्प रहेगा क्योंकि विक्रमजीत चौधरी भी जिला कांग्रेसी देहाती के प्रधान पद की दौड़ में शामिल हैं। वहीं, लोकसभा चुनाव के दौरान चन्नी परिवार और चौधरी परिवार के बीच तनातनी खुलकर सामने आई थी और दोनों परिवारों में 36 का आंकड़ा किसी से छिपा नहीं है। अब दोनों परिवारों के बीच यह टकराव संगठन सृजन अभियान में भी दिखाई दे रहा है।

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