ब्रेकिंग
जनरेश्वर मिश्र पार्क, लखनऊ स्थित “जुरासिक पार्क” या डायनासोर पार्क को लेकर गंभीर सवाल ? Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7... ईरान: आयतुल्ला खामेनेई का बड़ा फैसला, बेटे मसूद को बनाया सुप्रीम लीडर दफ्तर का प्रमुख; जानें वजह Natural Pest Control: चींटी, कॉकरोच और मच्छरों से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय, नोट करें ये नेचुरल टिप...
धार्मिक

मंदिर में खाली शंख रखना क्यों है अशुभ? कंगाल होने से बचने के लिए हर दिन करें ये काम!

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में शंख को बहुत ही पवित्र और मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. जहां शंखनाद से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, वहीं इसे रखने से जुड़े कुछ नियम हैं जिनका पालन न करने पर घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है और धन हानि का सामना करना पड़ सकता है. इन्हीं नियमों में से एक है मंदिर में कभी भी खाली शंख न रखना.

ज्योतिष शास्त्र और वास्तु के अनुसार यह गलती व्यक्ति को आर्थिक नुकसान और दरिद्रता की ओर ले जा सकती है. आइए जानते हैं कि मंदिर में खाली शंख रखना क्यों अशुभ माना जाता है और कंगाल होने से बचने के लिए आपको हर दिन कौन सा काम ज़रूर करना चाहिए.

खाली शंख क्यों माना जाता है अशुभ?

शंख को देवी-देवताओं के समान आदर दिया जाता है. शास्त्रों के अनुसार, शंख में दैवीय ऊर्जा और शुभता समाहित होती है. जब हम शंख को बिना किसी वस्तु के खाली छोड़ देते हैं, तो ऐसा माना जाता है कि वह अपनी शुभता और दैवीय ऊर्जा खो देता है.

नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह: वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर या घर में खाली शंख रखने से उसमें नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ने लगता है. यह खालीपन घर के वातावरण पर बुरा प्रभाव डालता है.

मां लक्ष्मी की अप्रसन्नता: शंख को मां लक्ष्मी का छोटा स्वरूप माना गया है, क्योंकि यह समुद्र मंथन के दौरान उत्पन्न हुआ था. खाली शंख रखना, मानो मां लक्ष्मी के स्थान को खाली रखना हो, जिससे वह अप्रसन्न हो सकती हैं और घर से धन-वैभव दूर हो सकता है. इसलिए, शंख को खाली रखने के बजाय, उसे हमेशा भरा हुआ रखना चाहिए ताकि उसकी ऊर्जा और सकारात्मकता बनी रहे.

कंगाल होने से बचने के लिए रोज़ाना करें ये काम!

शंख को शुद्ध जल से भरकर रखें

जल भरें: सुबह पूजा करने से पहले या उसके दौरान, शंख को साफ करें और उसमें गंगाजल या शुद्ध जल भरकर रखें. जल की यह शुद्धता शंख को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है और उसकी दैवीय शक्ति को सक्रिय रखती है.

जल का छिड़काव: अगले दिन, इस जल को व्यर्थ न करें. इस जल को अपने पूरे घर में छिड़कें. माना जाता है कि शंख में रखा यह जल अत्यंत पवित्र हो जाता है, जिससे घर का वास्तु दोष दूर होता है और बुरी शक्तियां घर में प्रवेश नहीं कर पाती हैं.

भगवान को स्नान: आप इस जल से भगवान का अभिषेक या स्नान भी करवा सकते हैं, जो बहुत ही शुभ माना जाता है.

अन्य उपाय: जल के साथ-साथ आप शंख में फूल या चावल भरकर भी रख सकते हैं. चावल को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, इसलिए शंख में चावल भरकर रखने से धन-संपदा में वृद्धि होती है.

शंख रखने के अन्य महत्वपूर्ण नियम

दिशा: शंख को मंदिर में भगवान विष्णु ( की मूर्ति के दाईं तरफ रखना सबसे शुभ माना जाता है. इसके अलावा, इसे उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में भी रखा जा सकता है.

आसन: शंख को कभी भी सीधे जमीन पर न रखें. इसे हमेशा किसी साफ कपड़े (लाल या पीला) के ऊपर, या तांबे/पीतल की प्लेट पर आसन देकर रखें.

कितने शंख: पूजा घर में एक से अधिक शंख नहीं रखने चाहिए, ऐसा माना जाता है कि इससे लक्ष्मी की कृपा कम हो सकती है. हालांकि, कुछ मान्यताओं के अनुसार, पूजा के लिए एक और बजाने के लिए दूसरा शंख रखना उचित होता है.

खंडित शंख: टूटा हुआ, फटा हुआ या खंडित शंख कभी भी मंदिर में नहीं रखना चाहिए.

Related Articles

Back to top button