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राजस्थान

करोड़ों का घोटाला! भू-माफिया ने फर्जी दस्तावेज से हड़पी कडाणा विभाग की जमीन, सरकारी संपत्ति को बताया निजी प्रॉपर्टी

राजस्थान में डूंगरपुर जिले के सागवाडा में कडाणा विभाग की करोड़ों की जमीन को निजी बताकर रजिस्ट्री करवाने का सनसनी खेज मामला सामने आया है. दो शिकायतकर्ताओ ने भूमाफिया पर कडाणा विभाग की फर्जी एनओसी तैयार कराकर और तहसीलदार की मिलीभगत से जमीन की रजिस्ट्री कराने के आरोप लगाया है. शिकायतकर्ताओ ने मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से की है. वहीं शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम बनाई है.

सागवाड़ा नगर में डूंगरपुर मुख्य मार्ग पर कडाणा बांध में विस्थापित लोगों के लिए जमीन कडाणा विभाग को दी थी. विभाग ने पात्र लोगों को जमीन देकर उन्हें पुनर्वास कॉलोनी में निवासित कर दिया. इसमें शेष बची जमीन का मालिकाना हक कडाणा विभाग के पास था. कडाणा विभाग ने शेष बची जमीन कांग्रेस सरकार में नगर पालिका सागवाडा को दे दी थी. इसके लिए तत्कालीन राजस्व अधिकारी के मार्गदर्शन में जमीन को नियमानुसार सागवाड़ा नगर पालिका को हस्तांतरित कर दिया था.

तहसीलदार ने कर दी रजिस्ट्री

इस जमीन में कुछ हिस्से को एक व्यक्ति अपनी पैतृक जमीन बताकर निर्माण स्वीकृति मांगने लगा. नगर पालिका सागवाड़ा ने इसे फर्जी मानते हुए पट्टा देने और निर्माण स्वीकृति से इनकार कर दिया. भूमाफिया ने उस जमीन की कडाणा विभाग की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के आधार पर इस जमीन की रजिस्ट्री करी दी. कागजों में जमीन की रजिस्ट्री सिर्फ 60 लाख में की गई है लेकिन मार्केट रेट करोड़ों रुपए बताया जा रहा है. ऐसे में सरकार को दोनों तरफ से नुकसान उठाना पड़ा.

शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से की शिकायत

कडाणा विभाग की शेष जमीन में से कुछ हिस्से की रजिस्ट्री फर्जी तरीके से कराने का मामला सामने आने के बाद शिकायतकर्ताओं ने मामले की शिकायत नगरपालिका, कडाणा विभाग व कलेक्टर से की. नगर पालिका द्वारा जब इस प्रकरण में कडाणा विभाग से लिखित जानकारी मांगी गई, तो विभाग ने स्पष्ट किया कि उस खसरा नंबर पर न तो कोई पट्टा जारी किया गया है और न ही कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र. वहीं जब इस मामले में नगरपालिका व कडाणा विभाग से बात की गई तो उन्होंने मामले में कुछ भी बोलने से मना कर दिया. वहीं सागवाड़ा एसडीएम ने बताया कि मामले की शिकायत कलेक्टर से की गई है जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर जांच टीम बनाई गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी.

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