मुरैना के युवक ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर की आत्महत्या, परिवार ने किस पर लगाए गंभीर आरोप
मुरैना: दिल्ली के जंतर-मंतर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे मुरैना को हिला दिया है. अम्बाह कस्बे के एक युवक ने आत्महत्या कर ली है. मृतक युवक अपनी विधवा बहन को अनुकंपा नौकरी दिलवाने के लिए धरने पर बैठा था. परिवार का आरोप है कि इससे पहले युवक ने अधिकारियों से गुहार लगाई थी. कहीं से भी नौकरी का आश्वासन नहीं मिलने पर सोमवार को उसने हताश होकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद परिजनों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
बहन की अनुकंपा नियुक्ति की मांग
मुरैना की अम्बाह तहसील के पास रहने वाले 40 वर्षीय लोकेश सक्सेना की बहन रश्मि श्रीवास्तव की शादी मुरैना शहर के संजय कॉलोनी में रहने वाले आदित्य श्रीवास्तव से हुई थी. आदित्य शिक्षा विभाग में भृत्य के रूप में सरसैनी स्कूल में पदस्थ था. साल 2019 में आदित्य श्रीवास्तव की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. पति की मौत के बाद पत्नी रश्मि ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्रयास शुरू किए. लोकेश के छोटे भाई शैलेन्द्र सक्सेना ने बताया कि “अधिकारियों द्वारा बहाना बनाकर नियुक्ति को टाला जा रहा था. नियुक्ति के लिए वर्ष 2024 में मृतक आदित्य की मां सरोज श्रीवास्तव ने अपनी सहमति भी शिक्षा विभाग को दे दी थी, लेकिन इसके बाद भी नियुक्ति को लेकर टालमटोल चल रहा था.
दिल्ली में की शिकायत, जंतर-मंतर में प्रदर्शन की अनुमति
अनुकंपा नियुक्ति में अधिकारियों द्वारा की जा रही टालमटोल की शिकायत रश्मि के भाई लोकेश ने जुलाई-2025 में दिल्ली पहुंचकर पीएमओ और गृह के कार्यालय में की थी. लोकेश ने जुलाई-सितंबर के महीने में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी किया था. लगातार शिकायतों के बाद भी नियुक्ति न होने पर लोकेश ने 10 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति ली थी. प्रदर्शन करने लोकेश और उसकी बहन रश्मि दोनों जाने वाले थे, लेकिन रश्मि का स्वास्थ्य खराब होने से 9 नवंबर की शाम को लोकेश अकेला ही अंबाह से दिल्ली के लिए रवाना हुआ.
10 नवंबर को जंतर मंतर में की आत्महत्या
जिसके बाद 10 नवंबर सोमवार सुबह करीब 10 बजे लोकेश ने जंतर-मंतर पर आत्महत्या कर ली.” बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने उसके पास से एक देसी पिस्तौल बरामद की है. दिल्ली पुलिस की सूचना मिलने के बाद लोकेश के परिजन दिल्ली रवाना हो गए हैं. उसके पास हथियार कहां से आया, यह उनको नहीं मालूम. मृतक के भाई शैलेन्द्र ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया है. साथ ही कहा कि अगर उनकी बहन को नौकरी मिल जाती तो, उसके भाई की जान नहीं जाती.






