अबूझमाड़ में नक्सलवाद को करारा झटका: डोडीमरका में खुला 18वां सुरक्षा कैंप, नक्सली स्मारक भी ध्वस्त
नारायणपुर: अबूझमाड़ को नक्सल आतंक से मुक्त करने की दिशा में नारायणपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत ग्राम डोडीमरका में पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने वर्ष 2025 का 18वां सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैंप स्थापित किया. कैंप स्थापना के दौरान गांव के प्रवेश पर मौजूद नक्सली स्मारक को भी बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया. यह कदम क्षेत्र में नक्सलवाद की गिरती पकड़ का संकेत माना जा रहा है.
माड़ बचाओ अभियान के तहत अभियान: वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सल विरोधी ‘माड़ बचाओ’ अभियान को तीव्र गति से संचालित कर रही है. इस अभियान के तहत अंदरूनी गांवों में लगातार नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है. ग्राम डोडीमरका, जो लंबे समय तक माओवादियों का सुरक्षित आश्रय स्थल माना जाता था, अब पुलिस की मजबूत उपस्थिति से मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
सड़क निर्माण और विकास कार्यों को सुरक्षा कवच: डोडीमरका में स्थापित नया कैंप ओरछा,आदेर, लंका में चल रहे सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों को सुरक्षा देगा. पुलिस के अनुसार, सुरक्षा कैंप खुलने से ग्रामीणों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है और क्षेत्र में विकास कार्य पहले की तुलना में तेज गति से आगे बढ़ेंगे.
डोडीमरका की लोकेशन:
- थाना ओरछा से 28 किमी
- आदेर से 25 किमी
- कुड़मेल से 15 किमी
- जाटलूर से 10 किमी
- धोबे से 5 किमी
नक्सली स्मारक का ध्वस्तीकरण: कैंप स्थापना के दौरान पुलिस ने गांव की शुरुआत में मौजूद नक्सली स्मारक को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. यह स्मारक नक्सलियों के आतंक और प्रभुत्व का प्रतीक माना जाता था. सुरक्षा बलों द्वारा स्मारक हटाए जाने के बाद ग्रामीणों में नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है. पुलिस का कहना है कि अबूझमाड़ नक्सलवाद की अंतिम सांसें गिन रहा है और जल्द ही पूरा क्षेत्र नक्सल प्रभाव से मुक्त होगा.
2025 में 18 कैंप खुलना—नक्सलवाद पर निर्णायक चोट: साल 2025 में नारायणपुर पुलिस ने नक्सलियों के पूर्व गढ़ रहे कुतुल, कोडलियर, बेडमाकोटी, नेलांगूर, पांगुड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे और अब डोडीमरका सहित कुल 18 नए कैंप स्थापित किए हैं.
ये सभी स्थान कभी माओवादियों के प्रमुख आश्रय स्थल रहे हैं, जिन पर पुलिस ने मजबूत पकड़ स्थापित की है.
वरिष्ठ अधिकारियों और बलों की अहम भूमिका: इन सुरक्षा बलों ने जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में अभियानों को अंजाम देकर कैंप स्थापना को सफल बनाया.
- सुन्दरराज पी, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज
- अमित कांबले, पुलिस उप महानिरीक्षक, कांकेर रेंज
- रोबिनसन गुरिया, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर
- आईटीबीपी 44वीं बटालियन के कमांडेंट मुकेश कुमार दसमाना
- CAF, DRG, बस्तर फाइटर्स और ITBP की 27वीं, 38वीं, 40वीं और 44वीं वाहिनी
डोडीमरका में 18वां सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैंप स्थापित होना नक्सलवाद के कमजोर होते प्रभाव और अबूझमाड़ में तेज़ी से फैलते विकास का मजबूत संकेत है. नक्सली स्मारक के ध्वस्त होने से यह संदेश स्पष्ट है कि अबूझमाड़ के विशाल भूभाग पर सुरक्षा बलों का नियंत्रण लगातार मजबूत हो रहा है. पुलिस और प्रशासन का दावा है कि जल्द ही यह क्षेत्र पूरी तरह नक्सल आतंक से मुक्त होकर नए विकास अध्याय की ओर बढ़ेगा.
