मटेरियल गिरा लेकिन नहीं बनी सड़क, तीन साल से काम शुरु होने का इंतजार,ग्रामीणों ने दी आंदोलन की धमकी
कोरिया : कोरिया जिले के सोनहत ग्राम पंचायत के आश्रित गांव उरांवपारा में सड़क की समस्या का समाधान अब तक नहीं हो सका है. आदिवासी बाहुल्य गांव में उरांव जाति लोग निवास करते हैं.लेकिन आज भी ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. भूपेश शासनकाल के समय में उरांवपारा के लिए सीसी रोड स्वीकृत हुई थी. माननीयों ने समय पर भूमिपूजन किया और रोड निर्माण का मटेरियल भी गिरवाया,फिर भी सड़क बनने का काम शुरु नहीं हो सका.
सड़क नहीं होने से परेशान ग्रामीण : ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती हैं. किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी सामने आती है. बीमार को खाट पर लादकर तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है,इसके बाद ही नजदीकी गांव में एंबुलेंस या दूसरा वाहन मिलता है.
कांग्रेस सरकार के दौरान सोनहत ग्राम पंचायत में दो दर्जन से ज्यादा विकास कार्यों की राशि तो निकाली गई, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं किए गए. इसके बावजूद जिला प्रशासन ने अब तक किसी भी जिम्मेदार पर कोई कार्रवाई नहीं की है- अर्जुन,ग्रामीण
उरांवपारा में सड़क निर्माण की समस्या का जल्द ही समाधान किया जाएगा.जिला प्रशासन विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है, जल्द ही सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा- डॉ आशुतोष चतुर्वेदी, सीईओ जिला पंचायत
उरांवपारा में जब सड़क बनने का ऐलान हुआ तो ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ी थी. लोगों को उम्मीद थी कि सड़क बनने के बाद उस रास्ते पर चलकर विकास आएगा.अब ग्रामीणों की खुश होने की वजह को तीन साल बीत चुके हैं.सड़क बनाने का मटेरियल गिराकर वापस उठा लिया गया. ऐसे में एक बार फिर ग्रामीणों को आश्वासन मिला है.






