ब्रेकिंग
MP Traffic Advisory: सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के चलते पवई में रूट डायवर्जन, भारी वाहनों का प्रवेश प... Madhya Pradesh News: प्रदेश के खनिज वाहनों में लगेंगे फास्टैग, कंप्यूटराइज्ड निगरानी से रुकेगी राजस्... Khandwa Medical College: पोस्टमार्टम में देरी पर भड़के परिजन, अस्पताल परिसर में किया भारी हंगामा Nalkheda Temple Security: एसपी दिलीप कुमार सोनी ने किया पुलिस चौकी का शुभारंभ, लंबे समय की मांग हुई ... Chitrakoot News Today: कानपुर से दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, ड्राइवर को... Balaghat News Today: 2009 से फर्जी मेडिकल डिग्री पर दे रहा था सेवा, बिरसा में पूर्व बीएमओ के खिलाफ प... Durga Puja Ranchi Update: त्योहारी सीजन में नगर निगम कर्मचारियों के अल्टीमेटम से बढ़ी मुश्किलें, जयप... Surajpur Crime News: जयनगर में मां और 12वीं के छात्र बेटे की संदिग्ध हालत में मिली लाश, इलाके में फै... Kunkuri Elephant Attack Panic: महागिरजाघर और होली क्रॉस अस्पताल परिसर में पहुंचा लोनर हाथी, दहशत में... Bhilai Student Suicide: अस्थि विसर्जन में नहीं ले जाने से नाराज था छात्र, जामुल थाना क्षेत्र में घर ...
मध्यप्रदेश

बाजार में सब्जी की तरह बेची जा रही थी एक्सपायरी दवा, छिंदवाड़ा स्वास्थ्य विभाग का छापा

छिन्दवाड़ा : कफ सिरप कांड के बाद छिंदवाड़ा में स्वास्थ्य विभाग की लगातार कार्रवाई जारी है. इसी बीच साप्ताहिक हाट बाजार से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां कपड़े और बर्तन की दुकानों के बीच अवैध दवा दुकान सजी हुई थी. यहां बीच बाजार झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा चारपाई में लिटा कर मरीज का इलाज किया जा रहा था और चॉकलेट-बिस्किट की तरह एक्सपायरी डेट की दवाइयां भी बेची जा रही थी. इसी बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची तो झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकान छोड़कर भाग खड़े हुए.

एक्सपायरी डेट की दवाई बेच रहे थे झोलाछाप डॉक्टर

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर सुरेश नागवंशी ने बताया, ” लगातार शिकायत मिल रही थी की नवेगांव और कटकुही में हॉट बाजार के दिनों में झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकान लगाकर नियम विरुद्ध मरीजों का इलाज कर रहे हैं. जैसे ही हमारी टीम नवेगांव पहुंची तो हमने देखा कि झोलाछाप डॉक्टरों की क्लीनिक में इलाज चल रहा था और अधिकतर दवाइयां एक्सपायर थी, जिन्हें मरीजों को बेचा जा रहा था. टीम के पहुंचते ही झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकान छोड़कर भाग गए. हालांकि, उनके सहयोगियों को पकड़ा गया है.”

आदिवासी इलाकों में फैला है झोलाछाप डॉक्टरों का जाल

जुन्नारदेव विकासखंड आदिवासी बाहुल्य है इसलिए अधिकतर आदिवासी ग्रामीण शहरों में आकर इलाज नहीं करा पाते हैं. इसी का फायदा उठाकर झोलाछाप डॉक्टर गांव-गांव पहुंचकर मरीज का इलाज करते हैं, जिनके विरोध में अभियान चलाया जा रहा है. कटकुही के स्थानीय निवासी मनीष साहू ने बताया, ” गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है लेकिन यहां पर डॉक्टर की मौजूदगी नहीं होने की वजह से लोग मजबूरी में प्राइवेट और झोलाछाप डॉक्टर के पास इलाज कराते हैं.”

सरकारी अस्पतालों में नहीं हैं डॉक्टर

सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उप स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण इलाकों में बनाए हैं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर की भी नियुक्ति होती है लेकिन अधिकतर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिना डॉक्टर नर्स के भरोसे संचालित हो रहे हैं. इस पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेश नागवंशी ने कहा, ”डॉक्टरों की कमी है लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अलग-अलग डॉक्टरों की अलग-अलग दिनों ड्यूटी लगाई जाती है. इसके अलावा हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में टेली मेडिसिन की भी व्यवस्था है, जिसके जरिए मरीज देश के अलग-अलग डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं.”

Related Articles

Back to top button