ब्रेकिंग
Mann Ki Baat: 'हरगिला चिड़िया' बनी असम के गांवों की पहचान; PM मोदी ने की 'हरगिला सेना' की जमकर तारीफ स्वच्छ यमुना अभियान: सीएम रेखा गुप्ता का श्रमदान, कहा- "अब यमुना में नहीं गिरेगा बिना ट्रीटमेंट वाला... PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स की नेशनल असेंबली में बोले पीएम मोदी; 'भारत और सेशेल्स को जोड़ता है... Waqf Amendment Act: वक्फ संपत्तियों को कानूनी दर्जा दिलाने की प्रक्रिया तेज; 30 जून तक पूरा करें रिक... Amarnath Yatra 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम; अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की बड़ी मॉक र... हरिद्वार: बीमार पत्नी की संदिग्ध मौत का खुलासा, दवा के नाम पर जहर देकर की पति ने हत्या Jabalpur Crime News: फेसबुक पर हिंदू नाम रखकर की दोस्ती, फिर धर्म परिवर्तन और तस्करी की कोशिश; मामला... खंडवा: अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर हमला, 8 वनकर्मी घायल; वर्दी फाड़ने और पथराव का वीडियो वा... Muzaffarpur Crime News: अवैध संबंध के शक में छोटे भाई ने की बड़े भाई की हत्या, जांता से कुचलकर उतारा... Delhi E-Office System: दिल्ली सरकार में ई-ऑफिस का एक साल पूरा; फाइलों का निस्तारण हुआ तेज और पारदर्श...
मध्यप्रदेश

मुरैना में सनसनी, कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे बदमाश हददू और अंकुश गुर्जर,चाल नाकाम

मुरैना : सोमवार देर शाम मुरैना में पुलिस की कार्रवाई का रोमांचक व सनसनी भरा दृश्य देखने मिला. यहां जनकपुर गांव में आरक्षक को गोली मारने वाले कुख्यात बदमाश हददू उर्फ सौरव गुर्जर और अंकुश गुर्जर को सरेंडर करने से पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. बदमाशों की चाल तब उलटी पड़ गई जब दोनों छिपकर जिला कोर्ट पहुंचे थे. लेकिन केस डायरी समय पर नहीं पहुंचने की वजह से दोनों की सुनवाई नहीं हो सकी. तभी कोर्ट ने बाहर निकलते ही बदमाशों को ग्वालियर महाराजपुरा थाना और मुरैना सिविल लाइन पुलिस फिल्मी अंदाज में दबोच लिया. बदमाशों को फौरन पुलिस वाहन में बिठाकर पुलिस लाइन और फिर सिविल लाइन थाने लाया गया, जहां उनसे सख्त पूछताछ जारी है.

आरक्षक को गोली मारने का मामला

3 नवंबर को मुरैना के जनकपुर गांव में ग्वालियर के महाराजपुरा थाने की पुलिस एक फरारी वारंटी हद्दू उर्फ सौरव गुर्जर को पकड़ने पहुंची थी. तभी आरोपी हददू, के भाई गौरव और अन्य ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. फायरिंग में आरक्षक अनिल तोमर गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घटना के बाद ग्वालियर और मुरैना पुलिस संयुक्त रूप से 15 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर चार दिनों से लगातार दबिश दे रही थी.

इसी दबिश से बचने के लिए दोनों मुख्य आरोपी सोमवार शाम अचानक मुरैना जिला न्यायालय पहुंचे और सरेंडर करने का प्रयास किया. कोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाने पर दोनों आरोपियों ने मौके का फायदा उठाकर भीड़ में गुम होकर निकलना चाहा, लेकिन पुलिस उनसे एक कदम आगे निकली.

पुलिस को पहले लग चुकी थी भनक

पुलिस को पहले ही इनके कोर्ट पहुंचने की भनक लग चुकी थी. ग्वालियर महाराजपुरा थाने की टीम और मुरैना सिविल लाइन थाना प्रभारी अपनी पूरी फोर्स के साथ अदालत परिसर के बाहर तैनात थे, जैसे ही दोनों आरोपी कोर्ट से बाहर निकले और तेजी से आगे बढ़ने लगे, पुलिस ने फिल्मी अंदाज में चारों ओर से घेराबंदी कर उन्हें वहीं धर दबोचा. अचानक हुई इस कार्रवाई से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई, और लोग अचरज से देखने लगे.

सिविल लाइन थाना प्रभारी उदयभान सिंह यादव ने बताया, ” जनकपुर गांव में पुलिस आरक्षक को गोली मारने वाले दो आरोपी आज कोर्ट में सरेंडर होने की फिराक में थे. पुलिस ने उनको कोर्ट परिसर के बाहर से अरेस्ट कर लिया है. उनको पुलिस कस्टडी में रखा गया है. कल कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई की जाएगी.” वहीं, CSP दीपाली चंदौरिया ने बताया, ” ग्वालियर पुलिस पर हमला करने वाले मुख्य आरोपी ओर उसके एक साथी को न्यायलय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया है.”

Related Articles

Back to top button