ब्रेकिंग
बरेली: नीली बत्ती वाली फर्जी महिला IAS का करोड़ों का जॉब स्कैम, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर करते थे ठग... IIT में अच्छी रैंक के बाद भी चुना शतरंज: सड़कों पर गुजारी रातें, अब 30 देशों में सिखा रहे हैं चेस; प... गोविंदा-सुनीता के 40 साल पुराने रिश्ते में सुलह: फैमिली कोर्ट पहुंचीं पत्नी सुनीता आहूजा, तलाक की या... केन्या में भीषण हेलिकॉप्टर क्रैश: इक्वाडोर के खुफिया प्रमुख और 5 अमेरिकी नागरिकों सहित सभी 7 लोगों क... माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में बड़ा बदलाव: कुल पोर्टफोलियो और कर्जदार घटे, औसत लोन साइज 19% बढ़ा भारत में Starlink की नई छलांग: Gen 2 सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन और D2D सर्विस के लिए नया आवेदन सावन पुत्रदा एकादशी कब है? जानें 23 अगस्त 2026 की सही तिथि, पूजा विधि और संतान प्राप्ति के सिद्ध मंत... ब्रेड से बनाएं ये 5 क्रिस्पी और टेस्टी स्नैक्स: बच्चों और बड़ों के नाश्ते के लिए आसान और हेल्दी रेसि... कश्मीर पर अमेरिका की नीति में बड़ा बदलाव: श्रीनगर पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, अलगाववाद को दरक... विशाखापत्तनम में भोजन की तस्वीरों पर छिड़ा सियासी संग्राम, सपा ने लगाया मांसाहार का आरोप
छत्तीसगढ़

आस्था का केंद्र सिद्ध बाबा धाम, पहुंच मार्ग जर्जर होने से हादसे का खतरा, मकर संक्रांति पर जुटते हैं लाखों श्रद्धालु

मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर : सिद्ध बाबा धाम सिर्फ मनेंद्रगढ़ शहर ही नहीं बल्कि पूरे जिले की पहचान है.भगवान भोलेनाथ ऊंचे पहाड़ पर विराजमान है.इस धाम को हाल ही में केदारनाथ मंदिर के तर्ज पर बनाया गया है. इस मंदिर की मान्यता है कि यहां पर जिस किसी ने मनोकामना मांगी वो पूरी हुई है. हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर यहां विशाल मेला लगता है.इस मेले में छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश से भी लोग आते हैं.

क्या है मंदिर का इतिहास ?

ये मंदिर सिद्ध बाबा के नाम से प्रसिद्ध है.जो एक तपस्वी के नाम पर है. सिद्धबाबा एक तपस्वी थे, जिन्होंने इसी पहाड़ी पर कठोर तप कर सिद्धि प्राप्त की थी. कहा जाता है कि बाबा ने अपने तपोबल से इस क्षेत्र को भय, रोग और विपत्ति से मुक्त किया. ग्रामीणों का विश्वास है कि बाबा आज भी पहाड़ी पर विराजमान हैं और अपने भक्तों की रक्षा करते हैं. यही कारण है कि सिद्धबाबा को ग्राम देवता के रूप में पूजा जाता है. यहां आने वाला हर श्रद्धालु अद्भुत शांति और ऊर्जा का अनुभव करता है.

सिद्धबाबा धाम की बनावट और वातावरण केदारनाथ धाम की याद दिलाता है. पहाड़ी पर स्थित मंदिर, चारों ओर फैली हरियाली और ऊपर से दिखता विस्तृत प्राकृतिक दृश्य भक्तों को गहरे ध्यान और भक्ति में डुबो देता है. जो लोग दूरस्थ तीर्थों तक नहीं जा पाते, उनके लिए सिद्धबाबा धाम किसी बड़े तीर्थ से कम नहीं है-चंद्रमणि वर्मा, श्रद्धालु

हर साल लाखों लोग जुटते हैं
हर वर्ष 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन यहां विशाल मेला आयोजित होता है. मेले में मनेन्द्रगढ़, झगराखाण्ड, खोंगापानी, चिरमिरी सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से लोग परिवार सहित पहुंचते हैं. इसके अलावा अनूपपुर, बिजुरी, कोतमा, राजनगर, शहडोल, मरवाही, पेंड्रा-गौरेला और बैकुंठपुर जैसे क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा होता है. अनुमान है कि मेले के दिन करीब 5 लाख श्रद्धालु सिद्धबाबा के दर्शन करते हैं.

मंदिर तक जाने का रास्ता बदहाल
इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के बावजूद एनएच-43 से सिद्धबाबा पहाड़ी तक का पहुंच मार्ग वर्षों से उपेक्षा का शिकार है. यह मार्ग अत्यंत उबड़-खाबड़ और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है.भरतपुर-सोनहत विधानसभा के आदिवासी बहुल इस वन क्षेत्र में खराब सड़क के कारण बाइक और चारपहिया वाहनों से पहुंचना मुश्किल हो जाता है. कई बार श्रद्धालु गिरकर घायल भी हो चुके हैं.

मरवाही से दर्शन के लिए आई एक युवती संजना ने बताया कि सड़क बन जाने से बुजुर्ग श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत मिलेगी. वहीं पेंड्रा-गौरेला निवासी श्रद्धालुओं का कहना है कि सिद्धबाबा धाम की ख्याति दूर-दूर तक है, लेकिन खराब रास्ता श्रद्धा की राह में बड़ी बाधा बन रहा है.खोंगापानी नगर पंचायत के पार्षद पी. मनी ने बताया कि कलेक्टर एमसीबी से मांग की है कि मकर संक्रांति मेले से पहले एनएच-43 से सिद्धबाबा पहाड़ी तक के मार्ग का मरम्मत कराया जाए.

Siddh Baba Dham road dilapidated

यह मार्ग छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा को जोड़ता है.मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु इसी रास्ते से आते-जाते हैं. सड़क दुरुस्त होने से दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी और श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन मिलेगा- पी. मनी,पार्षद

आपको बता दें कि श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन सिद्धबाबा धाम की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को समझते हुए शीघ्र ही पहुंच मार्ग का मरम्मत कराएगा. इससे न केवल मकर संक्रांति मेले का आयोजन सुचारु रूप से हो सकेगा, बल्कि आस्था के इस पवित्र स्थल तक पहुंचना हर भक्त के लिए सुरक्षित और सहज होगा.

Related Articles

Back to top button