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पंजाब

न्यूजीलैंड में सिखों के नगर कीर्तन का विरोध, CM भगवंत मान ने जताई कड़ी नाराजगी

न्यूजीलैंड के साउथ ऑकलैंड में शनिवार (21 दिसंबर) को सिख समुदाय द्वारा निकाले जा रहे नगर कीर्तन के दौरान तनाव पैदा हो गया. कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए नगर कीर्तन का रास्ता रोक दियाजिसके बाद माहौल खराब हो गया, हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया. वहीं अब इस मामले पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान सामने आया है.

सीएम मान ने इस मामले मेंकेंद्र सरकार से दखल देने और पूरे मामले को भारत में न्यूजीलैंड के एंबेसडर के सामने उठाने की मांग की है. सीएम का कहना है कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का प्रचार-प्रसार करने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड एक विकसित देश है और इस प्रकार की घटना वहां पहले कभी नहीं देखी गई.

मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार से की अपील

मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वो न्यूजीलैंड सरकार से बात करें और इस मामले पर कड़ा संदेश भेजें. उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया भर में एंटी-इमिग्रेशन भावना फैल रही है और हमारे नागरिक शांति और सद्भाव की मिसाल हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के लोग न्यूजीलैंड के विकास में अहम योगदान दे रहे हैं और उनके खिलाफ इस तरह के प्रदर्शनों से पूरे समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचता है.

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का बयान

वहीं इस घटना पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी चिंता व्यक्त की है. SGPC के मुताबिक सिख धर्म की बुनियाद भाईचारे, मानवता और शांति पर टिकी हुई है. SGPC ने कहा कि नगर कीर्तन का विरोध सिख धर्म की पवित्र परंपराओं पर हमला है.

SGPC ने न्यूजीलैंड और भारत सरकार से अपील की है कि इस मामले में उचित कदम उठाए जाएं और सिख समुदाय को अपने धार्मिक अधिकारों के अनुसार सुरक्षित वातावरण मिले. SGPC ने कहा कि नगर कीर्तन का आयोजन सिख धर्म की एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है जो समाज में आपसी सौहार्द, प्रेम और एकता का संदेश देती है. इस प्रकार के आयोजनों का विरोध करना गुरु साहिबान के सार्वभौमिक संदेश पर सीधा प्रहार है.

सुखबीर सिंह बादल ने की घटना की निंदा

इधर शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने भी इस घटना की निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है. जिसमें उन्होंने कहा ‘न्यूजीलैंड के दक्षिण ऑकलैंड में कल स्थानीय प्रदर्शनकारियों द्वारा शांतिपूर्ण नगर कीर्तन जुलूस में बाधा डालने की मैं कड़ी निंदा करता हूं.नगर कीर्तन सिखों की एक पवित्र परंपरा है. यह एक आनंदमय धार्मिक जुलूस है जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के भजन गाए जाते हैं, जो भक्ति, एकता और समस्त मानवता के साथ आशीर्वाद साझा करने को बढ़ावा देता है’.

‘न्यूजीलैंड सरकार के समक्ष उठाएं मामला’

उन्होंने कहा ‘मुझे यह देखकर खुशी हुई कि सिख समुदाय ने उकसावे के बावजूद उल्लेखनीय संयम और शांति का परिचय दिया, जो गुरु साहिब की ‘चढ़ी कला’ और ‘सरबत दा भला’ की शिक्षाओं के अनुरूप है’. उन्होंने कहा कि इस तरह की धमकियां धार्मिक स्वतंत्रता और सार्वभौमिक बंधुत्व की भावना के लिए खतरा हैं. उन्होंने कहा ‘मैं विदेश मंत्री एस जयशंकर से आग्रह करता हूं कि वो इस मामले को न्यूजीलैंड सरकार के समक्ष उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि भारतीय प्रवासी भारतीयों के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं साथ गी ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोका जाए.

क्या है मामला

दरअसल न्यूजीलैंड के साउथ ऑकलैंड में शनिवार को सिख समुदाय की और से आयोजित नगर कीर्तन के रास्ते को कुछ स्थानीय लोगों ने रोक दिया और विरोध प्रदर्शन किया. इन प्रदर्शनकारियों ने ‘दिस इज न्यूजीलैंड, नॉट इंडिया और ये हमारी जमीन है, हमें रहने दो जैसे बैनर लहराए’. नगर कीर्तन गुरुद्वारा नानकसर ठाठ इशर दरबार से शुरू होकर वापिस गुरुद्वारे को लौट रहा था. तभी करीब 30-35 स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन शुरू किया. ये लोग अपोस्टल बिशप ब्रायन तामाकी से जुड़े थे जो पेंटेकोस्टल चर्च के प्रमुख हैं. प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी के साथ हाका प्रदर्शन भी किया. हालांकि न्यूजीलैंड पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शनकारियों को रास्ते से हटा दिया और टकराव नहीं होने दिया.

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