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छत्तीसगढ़

ठंड में भी डेंगू का डंक! मच्छर लेकर निगम दफ्तर पहुंचे लोग, लाखों खर्च फिर भी तैयारियों पर उठे सवाल

रायपुर. सर्दी के बीच भी डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की मौजूदगी से लोग दहशत में हैं. स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब आम नागरिक मच्छर पकड़कर नगर निगम दफ्तर तक पहुंच रहे हैं. प्रतिवर्ष लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी राजधानी का ये हाल है, तो दूसरे नगर निगम की क्या स्थिति होगी, उसे बखूबी समझा जा सकता है. ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि आखिर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां कितनी कारगर हैं?

ठंड में क्यों बढ़ रहा डेंगू का खतरा?: राजधानी में लगातार मिल रही शिकायतों से साफ है कि ठंड के बावजूद डेंगू के मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हुआ है. जलभराव, खुले ड्रेनेज और रुके हुए पानी में मच्छरों के पनपने की आशंका बनी हुई है. यही कारण है कि लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है.

लाखों खर्च कर भी नहीं खत्म हुआ डेंगू का डंक: प्रतिवर्ष मच्छर से निपटने के लिए नगर निगम लाखों रुपए खर्च करता है. यह राशि फॉगिंग और एंटी लार्वा ट्रीटमेंट सहित अन्य कामों के लिए खर्च की जाती है. बावजूद इसके राजधानी में मच्छरों का प्रकोप खत्म नहीं हो रहा है. खासकर ठंड जैसे मौसम में भी डेंगू मच्छर का डंक लोगों के लिए परेशानी का सबक बना हुआ है.

निगम का दावा, हर जोन में फॉगिंग: रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय का कहना है कि निगम इस स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क है. उनके मुताबिक नगर निगम के तहत आने वाले 10 जोनों में फॉगिंग मशीन उपलब्ध है. ड्रेनेज और जलभराव वाले स्थानों पर एंटी लार्वा ट्रीटमेंट के लिए केमिकल मौजूद हैं. सभी जोनों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां पानी रुकता है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए.

सूर्यास्त के समय फागिंग का निर्देश: निगम का दावा है कि मच्छरों की सक्रियता को देखते हुए सूर्यास्त से पहले और बाद के समय फॉगिंग कराई जा रही है. हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई वार्डों में फॉगिंग या तो अनियमित है या पूरी तरह नदारद, जिससे निगम के दावों और जमीनी हकीकत में फर्क साफ नजर आता है.

हर जोन और वार्ड में सफाई अमला और अधिकारी तैनात हैं. रोस्टर के अनुसार काम कराया जा रहा है. आगे औचक निरीक्षण किए जाएंगे. लापरवाही मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.- अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय

मच्छर लेकर निगम पहुंचा नागरिक: जोन-5 के वामन राव लाखे वार्ड निवासी विजय सोना एक दिन डेंगू के मच्छर को पकड़कर नगर निगम मुख्यालय पहुंच गए. उन्होंने यह मच्छर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी को दिखाया, जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष ने इसे निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की.

स्वास्थ्य व्यवस्था और निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल: इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की स्वास्थ्य व्यवस्था और जमीनी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जब ठंड में भी डेंगू के मच्छर सक्रिय हैं और आम नागरिक खुद सबूत लेकर निगम दफ्तर पहुंच रहे हैं, तो यह साफ संकेत है कि कहीं न कहीं व्यवस्था में बड़ी चूक हो रही है.

अब देखने वाली बात यह होगी कि निगम के दावे केवल कागजों तक सीमित रहते हैं या वास्तव में जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नजर आती है. क्योंकि अगर ठंड में भी डेंगू का डंक जारी रहा, तो आने वाले समय में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं.

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