ब्रेकिंग
International Yoga Day 2026 Kolkata: हुगली नदी में 500+ बोट्स पर एक साथ योग; पीएम मोदी करेंगे कोलकात... Abhishek Banerjee vs NCPI: टीएमसी सांसदों के विलय को अभिषेक बनर्जी ने दी लोकसभा स्पीकर के सामने चुनौ... Shiv Sena Foundation Day: शिवसेना की 60वीं वर्षगांठ; दो गुटों में बंटी पार्टी, उद्धव और शिंदे का अलग... Chronic Kidney Disease and Diabetes: डायबिटीज और हाई बीपी कैसे बढ़ाते हैं किडनी फेलियर का खतरा? जानें... Rahul Gandhi Politics Analysis: राहुल गांधी का मिशन 2029; मोदी के करिश्मे और गठबंधन की राजनीति के बी... Uttarakhand Corruption News: भ्रष्टाचार के खिलाफ CM धामी की बड़ी कार्रवाई; हरिद्वार के पूर्व अधिकारिय... Deoria Medical Negligence: मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही; टूटे दाहिने हाथ की जगह बाएं हाथ में चढ़ाया प... Varanasi Elevated Corridor: वाराणसी में 25 हजार करोड़ से बनेगा वरुणा और गंगा एलिवेटेड रोड; जाम से मि... Andhra Pradesh Crime News: पारिवारिक विवाद में पिता का खौफनाक कदम; तीन बेटियों की हत्या के बाद खुद द... Telangana Hospital Negligence: महिला की अस्थियों में मिली कैंची; सरकारी अस्पताल की लापरवाही से मां-ब...
विदेश

बांग्लादेश चुनाव: प्रचार के पुराने तरीके बंद, लागू हुए नए नियम

बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले 13वें संसदीय चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने प्रचार के नियमों में बड़े और सख्त बदलाव कर दिए हैं. इन बदलावों ने चुनावी माहौल की तस्वीर ही बदल दी है. अब न दीवारों पर पोस्टर दिखेंगे, न सड़कों पर वाहन जुलूस निकलेंगे और न ही नेता हेलिकॉप्टर से धुआंधार प्रचार कर पाएंगे.

चुनाव आते ही जो गलियां, बाजार और चौराहे पहले पोस्टरों से पट जाया करते थे, अब वहां सन्नाटा नजर आएगा. उम्मीदवारों के नाम, चुनाव चिह्न और पार्टी झंडों से सजी दीवारें अब बीते दिनों की बात होंगी. साथ ही बैनर, लिफलेट, वाहन जुलूस और यहां तक कि सोशल मीडिया कैंपेन को लेकर भी कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं.

पोस्टर युग का अंत

अब उम्मीदवार अपने प्रचार में किसी भी तरह के पोस्टर का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. हालांकि लिफलेट, हैंडबिल और फेस्टून की अनुमति है, लेकिन इनके इस्तेमाल की भी सख्त शर्तें हैं. इन प्रचार सामग्रियों को किसी दीवार, इमारत, पेड़, बिजली या टेलीफोन के खंभों, सरकारी दफ्तरों या वाहनों पर नहीं लगाया जा सकेगा. राजनीतिक दलों के लिए ये भी तय किया है कि प्रचार सामग्री पर केवल उम्मीदवार और पार्टी प्रमुख की ही तस्वीर हो सकती है.

पोस्टर बैन के पीछे की वजह

चुनाव आयोग का मानना है कि पोस्टर पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हैं. प्लास्टिक कोटिंग और केमिकल इंक के कारण जलजमाव, खेतों को नुकसान और कचरे की समस्या बढ़ती है. इसके अलावा पोस्टर लगाने को लेकर अक्सर विवाद और हिंसा की घटनाएं भी सामने आती रही हैं. इन्हीं सब पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आयोग ने यह बड़ा फैसला लिया.

वाहन जुलूसों पर सख्ती, हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल सीमित

संशोधित आचार संहिता के तहत चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी तरह के वाहन जुलूस पर रोक है. बस, ट्रक, नाव, मोटरसाइकिल या किसी भी मैकेनिकल वाहन के साथ न तो शो-डाउन किया जा सकेगा और न ही सार्वजनिक रैली. मशाल जुलूस भी अब पूरी तरह प्रतिबंधित हैं.

हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल भी बेहद सीमित कर दिया गया है. अब सिर्फ किसी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष और महासचिव ही हेलिकॉप्टर या किसी अन्य विमान का इस्तेमाल कर सकते हैं. अन्य किसी नेता या उम्मीदवार को इसकी अनुमति नहीं होगी. इन नियमों के उल्लंघन पर चुनाव आयोग जुर्माना लगाने के साथ-साथ गंभीर मामलों में उम्मीदवारी रद्द करने तक की कार्रवाई कर सकता है

सोशल मीडिया पर भी सख्ती, पहली बार टीवी संवाद

ये पहली बार होगा जब चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया को लेकर भी विस्तृत नियम लागू किए गए हैं. उम्मीदवारों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट की पूरी जानकारी चुनाव प्रचार शुरू होने से पहले रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी. वहीं चुनाव आयोग ने एक और नया प्रयोग किया है. पहली बार उम्मीदवारों के लिए टीवी संवाद का आयोजन किया जा रहा है, ताकि मतदाता सीधे नीतियों और मुद्दों पर चर्चा सुन सकें.

Related Articles

Back to top button