ब्रेकिंग
ईरान संकट: युद्ध की आशंका के बीच भारतीयों की निकासी की तैयारी, जानें क्या है सरकार का मास्टर प्लान जयपुर में गूंजी भारतीय सेना की हुंकार: आर्मी डे परेड में 'ऑपरेशन सिंदूर' के पराक्रम से थर्राया दुश्म... वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: कहा- 'हटाए गए नाम सार्वजनिक करें और आपत्ति दर्ज करने ... दिल्ली vs गुरुग्राम vs नोएडा: किसके बैंक खाते हैं ज्यादा भारी? RBI की रिपोर्ट ने साफ की तस्वीर खगड़िया में खूनी इश्क: साढू के साथ मिलकर पत्नी ने रची साजिश, ससुराल आए पति की गोली मारकर हत्या दिल्ली ऑटो फेस्टिवल को राहत: हाईकोर्ट ने प्रदूषण की दलील नकारी, सुनवाई से इनकार की जानें बड़ी वजह वीजा स्कैम केस: दिल्ली HC में आज क्यों नहीं हो सकी सुनवाई? कार्ति चिदंबरम की याचिका पर अब सबकी नजर सावधान! गुजरात में मौत का जाल बुन रहा मांझा: 48 घंटे में 6 ने गंवाई जान, 800 से ज्यादा पहुंचे इमरजें... "महाराष्ट्र का 'महाराज' कौन? एग्जिट पोल के नतीजों ने चौंकाया, बहुमत के करीब पहुंची BJP श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी के बाद सामने आई CM भगवंत मान की पहली तस्वीर
देश

बुलडोजर पर छिड़ा ‘बॉर्डर वॉर’: बेंगलुरु में कार्रवाई पर केरल-कर्नाटक आमने-सामने, डीके शिवकुमार का पलटवार

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को बेंगलुरु में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की आलोचना करने पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ‘बुलडोजर कल्चर’ में विश्वास नहीं करती है और उसने सरकारी जमीन को अतिक्रमण से बचाने के लिए कार्रवाई की थी. शिवकुमार का जवाब तब आया जब सीएम विजयन ने इस हफ्ते की शुरुआत में बेंगलुरु में 200 से ज्यादा घरों को गिराए जाने के बाद कर्नाटक सरकार पर बुलडोजर राज को सामान्य बनाने और अल्पसंख्यक विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया था.

सीएम विजयन ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में कहा कि जब कोई सरकार डर और जबरदस्ती से शासन करती है तो संवैधानिक मूल्य और मानवीय गरिमा सबसे पहले शिकार होते हैं. उन्होंने इसकी तुलना उत्तरी राज्यों में व्यापक रूप से आलोचना की जाने वाली प्रथाओं से की.

सारी इमारतें सरकारी जमीन पर बनी थीं

शिवकुमार ने कहा कि सीएम विजयन ने मामले के तथ्यों को जाने बिना इस मुद्दे पर टिप्पणी की है. सदाशिवनगर स्थित अपने घर पर पत्रकारों से बात करते हुए, डिप्टी सीएम ने कहा कि तोड़ी गई इमारतें सरकारी जमीन पर बनी थीं, जिस पर कब्जा किया गया था और उसे ठोस कचरा फेंकने की जगह के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि जिस जमीन से अतिक्रमण हटाया गया, वह ठोस कचरे का गड्ढा था. इस वजह से इलाके में स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हैं. हममें भी इंसानियत है और हमने उन्हें दूसरी जगहों पर जाने का मौका दिया था.

‘बुलडोजर राज’ के आरोप को खारिज करते हुए, शिवकुमार ने आगे कहा कि हमारे यहां बुलडोजर कल्चर नहीं है. मैं पिनाराई विजयन से अपील करता हूं कि वे इस तरह बात न करें. हम सिर्फ शहर के बीच में सरकारी जमीन की रक्षा कर रहे हैं.’

डीके शिवकुमार ने ऐसी बस्तियों में लैंड माफिया की भूमिका का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि लैंड माफिया बाद में ज़मीन पर कब्ज़ा करने के लिए झुग्गियां बसाते हैं. हम ऐसा नहीं होने देंगे. साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि योग्य निवासियों को बसाया जाएगा. डीके शिवकुमार ने कहा कि अगर योग्य लोग हैं, तो हम राजीव गांधी योजना के तहत घर देने को तैयार हैं.

Related Articles

Back to top button