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मध्यप्रदेश

जंक फूड खाने वाले सावधान, पैरों से कुचला जा रहा फ्रेंच फ्राइज, गंदगी देख फूड टीम भी हैरान

जबलपुर: खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने जबलपुर में एक फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई की है. जहां खाद्य सुरक्षा टीम को फैक्ट्री में गंदगी की भरमार देखने मिली. गंदगी और काम में लापरवाही देखने के बाद खाद्य टीम ने फैक्ट्री को सील कर दिया है. बताया जा रहा है कि जबलपुर में अब तक एक दर्जन से ज्यादा ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां खाने का रेडीमेड सामान बनाने वाली फैक्ट्रियां लापरवाही बरत रही हैं. इस बार मामला फ्रेंच फ्राइज बनाने वाली एक कंपनी का है.

जबलपुर जैनम फूड फैक्ट्री में छापा

फ्रेंच फ्राइज आपने कभी ना कभी जरूर खाए होंगे, लेकिन आपको बिल्कुल अंदाजा नहीं होगा कि इन्हें जिन फैक्ट्री में बनाया जाता है. उन कारखानों में हाइजीन का कितना ध्यान रखा जाता है? जबलपुर के जैनम फूड नाम की एक कंपनी पर खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा. यहां खाद्य विभाग की टीम को जो हालात देखने को मिले, वह किसी भी खाने वाले को परेशान कर सकते हैं.

गंदगी का अंबार देखने मिला

खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि “यहां फ्लोर पर कच्चे फ्रांईन्स को सुखाया जा रहा था. उस फ्लोर पर लोग चप्पल पहनकर चल रहे थे और फ्रेंच फ्राइज ऊपर से भी लोग आ जा रहे थे. ऐसी स्थिति में इसे खाने लायक तो नहीं माना जा सकता. वहीं फैक्ट्री में एक खुले मैदान पर भी पॉलिथीन बेचकर माल सुखाया रहा था. यहां चारों तरफ डस्ट उड़ रही थी और इस बरामदे में कुछ कुत्ते भी घूम रहे थे. ऐसी स्थिति में थोड़ी सी भी हवा चलने पर धूल उड़कर आ सकती है.

फैक्ट्री को बंद करने का नोटिस

अधिकारी देवेंद्र दुबे का कहना है कि फैक्ट्री जिस पैमाने पर उत्पादन कर रही थी. उसके लिए फैक्ट्री को लाइसेंस के साथ रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी था. इसके साथ ही फैक्ट्री में कितना उत्पादन हो रहा है, कहां जा रहा है. इन सब चीजों का लेखा-जोखा होना जरूरी है, लेकिन यहां पर भी यह कारखाना लापरवाही बरत रहा था. फिलहाल इस कारखाने को बंद करने का नोटिस दिया गया है.

इस खाद्य सामग्री के निर्माण में फूड कलर का भी इस्तेमाल किया जा रहा था. यह फूड कलर भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि जो कंपनी सामान्य साफ सफाई का ध्यान नहीं रख रही रासायनिक रंगों का ही इस्तेमाल कर रही होगी.

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