ब्रेकिंग
MP Traffic Advisory: सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के चलते पवई में रूट डायवर्जन, भारी वाहनों का प्रवेश प... Madhya Pradesh News: प्रदेश के खनिज वाहनों में लगेंगे फास्टैग, कंप्यूटराइज्ड निगरानी से रुकेगी राजस्... Khandwa Medical College: पोस्टमार्टम में देरी पर भड़के परिजन, अस्पताल परिसर में किया भारी हंगामा Nalkheda Temple Security: एसपी दिलीप कुमार सोनी ने किया पुलिस चौकी का शुभारंभ, लंबे समय की मांग हुई ... Chitrakoot News Today: कानपुर से दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, ड्राइवर को... Balaghat News Today: 2009 से फर्जी मेडिकल डिग्री पर दे रहा था सेवा, बिरसा में पूर्व बीएमओ के खिलाफ प... Durga Puja Ranchi Update: त्योहारी सीजन में नगर निगम कर्मचारियों के अल्टीमेटम से बढ़ी मुश्किलें, जयप... Surajpur Crime News: जयनगर में मां और 12वीं के छात्र बेटे की संदिग्ध हालत में मिली लाश, इलाके में फै... Kunkuri Elephant Attack Panic: महागिरजाघर और होली क्रॉस अस्पताल परिसर में पहुंचा लोनर हाथी, दहशत में... Bhilai Student Suicide: अस्थि विसर्जन में नहीं ले जाने से नाराज था छात्र, जामुल थाना क्षेत्र में घर ...
छत्तीसगढ़

एक के बाद एक चक्कर खाकर गिरे स्टूडेंट्स, करमतरा प्राथमिक स्कूल में मचा हड़कंप

खैरागढ़: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के करमतरा स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में मंगलवार सुबह उस समय अफरा तफरी मच गई, जब प्रार्थना सभा के दौरान अचानक बच्चे एक एक कर चक्कर खाकर जमीन पर गिरने लगे. कुछ ही पलों में स्कूल परिसर में डर और चीख पुकार का माहौल बन गया. शिक्षक और अन्य बच्चे घबरा गए और तत्काल बच्चों को संभालने में जुट गए.

रतनजोत खाकर बीमार

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि स्कूल खुलने से पहले रोज की तरह बच्चे समय से पहले स्कूल परिसर में पहुंच गए थे. इसी दौरान बच्चों ने स्कूल के आसपास लगे रतनजोत के पौधे का फल खा लिया. रतनजोत का फल जहरीला होता है. इस बात की जानकारी बच्चों को नहीं थी. जैसे ही प्रार्थना शुरू हुई, वैसे ही बच्चों को चक्कर आना शुरू हो गया और कुछ बच्चे बेहोश होकर गिर पड़े.

सभी बच्चों को अस्पताल ले जाया गया

स्कूल में देखते ही देखते करीब 18 से 19 बच्चे बीमार हो गए. स्कूल प्रबंधन द्वारा तत्काल सभी बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालबांधा लाया गया. डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया. डॉक्टरों के मुताबिक चार बच्चों पर जहरीले फल का असर ज्यादा देखा गया है जबकि बाकी बच्चों की हालत फिलहाल सामान्य और स्थिर बनी हुई है.

दो बच्चे सिविल अस्पताल खैरागढ़ रेफर किया जा रहा है बाकी 17 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालबांधा में उपचार किया जा रहा है-डॉ असलम,वरिष्ठ चिकित्सक

करमतरा गांव में मचा हड़कंप

घटना की खबर फैलते ही पूरे करमतरा गांव में हड़कंप मच गया. बड़ी संख्या में पालक और ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए. अस्पताल परिसर में डरे सहमे बच्चे और चिंतित माता पिता का जमावड़ा लग गया. कई पालकों की आंखों में डर साफ दिखाई दे रहा था और बच्चे भी काफी भयभीत नजर आए.

क्या कहते हैं अधिकारी

इस गंभीर घटना को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी लाल जी द्विवेदी ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी और मीडिया के माध्यम से उन्हें इस मामले का पता चला है. उन्होंने कहा कि वे पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं.

ग्रामीणों की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल परिसर और आसपास लंबे समय से रतनजोत जैसे जहरीले पौधे लगे हुए हैं लेकिन इन्हें हटाने या बच्चों को इसके खतरे से अवगत कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. ग्रामीणों और पालकों ने मांग की है कि स्कूल परिसर की तत्काल जांच कराई जाए और जहरीले पौधों को तुरंत हटाया जाए.

Related Articles

Back to top button