ब्रेकिंग
HCL मलाजखंड और आईआईटी कानपुर की SATHEE पहल ने मलाजखंड में आयोजित किया करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता स... गाजियाबाद में निषाद पार्टी का कार्यक्रम, काफी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क...
देश

समंदर के ऊपर रफ़्तार: 1670 करोड़ का ‘गंगासागर सेतु’ खत्म करेगा बरसों का इंतजार, पर्यटन को लगेंगे पंख

जिसका लंबे समय से इंतजार था वो गंगासागर पुल परियोजना आखिरकार शुरू हो गई है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार (5 जनवरी) को इसकी आधारशिला रखी. यह पुल मुरी गंगा नदी पर बनाया जाएगा. इससे लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी. करीब 4.75 किलोमीटर लंबे इस पुल की लागत 1670 करोड़ रुपए है और इसे 2-3 साल में पूरा करने का दावा किया गया है.हालांकि इस परियोजना ने पहले ही राजनीतिक विवादों को जन्म दे दिया है.

सागर द्वीप तक पहुंचने के लिए लोगों को नाव या फेरी का सहारा लेना पड़ता है. मौसम खराब होने या भीड़ के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. फेरी सेवा में औसतन 45 मिनट से 1.5 घंटे लगते हैं. वहीं बरसात या तूफान में यह कई घंटों तक रुक जाती है. इस वजह से इस पुल की मांग लंबे समय से की जा रही थी. गंगासागर सेतु की खासियतें इसे एक महत्वपूर्ण परियोजना बनाती हैं.

करीब 4.75 किलोमीटर लंबा पुल

यह पुल लगभग 4.75 किलोमीटर लंबा और चार लेन का होगा. यह काकद्वीप को सीधे सागर द्वीप से जोड़ेगा, जिससे हुगली नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित द्वीप को हर मौसम में सड़क संपर्क मिलेगा. पुल बनने से यात्रा का समय घटकर सिर्फ 10-15 मिनट रह जाएगा, यानी औसतन 30 मिनट से एक घंटे की बचत होगी. इससे न सिर्फ गंगासागर मेले में सुविधा बढ़ेगी, बल्कि सागर द्वीप पर शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियां भी ज्यादा आसान और तेज हो जाएंगी. मुख्यमंत्री के समर्थकों का कहना है कि यह परियोजना अंततः इस क्षेत्र के अलगाव को समाप्त करेगी, जिससे आजीविका और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा.

पुल बनने से यात्रा का समय कम होगा

सागर द्वीप तक पहुंचने के लिए लोगों को नाव या फेरी का सहारा लेना पड़ता है, जो मौसम खराब होने या भीड़ के कारण अक्सर बाधित हो जाती है. इस वजह से इस पुल की मांग लंबे समय से की जा रही थी. यह काक द्वीप को सीधे सागर द्वीप से जोड़ेगा, जिससे हुगली नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित द्वीप को हर मौसम में सड़क संपर्क मिलेगा. पुल बनने से यात्रा का समय कम हो जाएगा. इससे न सिर्फ गंगासागर मेले में सुविधा बढ़ेगी, बल्कि सागर द्वीप पर शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियां भी ज्यादा आसान और तेज हो जाएंगी.

सीएम ममता ने क्या कहा

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शिलान्यास के दौरान कहा कि इस पुल से एक करोड़ से ज्यादा हिंदुओं को सहूलियत मिलेगी. सीएम ने दावा किया कि यह पुल अगले दो-तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि वैसे तो इस योजना में केंद्र सरकार को मदद करनी चाहिए थी, लेकिन वो केंद्र सरकार से भीख नहीं मांगेंगी. उन्होंने कहा कि बंगाल की सरकार खुद ही पूरा पैसा देकर इस प्रोजेक्ट को पूरा करेगी. सीएम ने कहा कि बीजेपी सिर्फ झूठ बोलती है और लोगों को आपस में लड़ाती है, लेकिन बंगाल में ये सब नहीं चलेगा.

Related Articles

Back to top button