क्या एक बार फिर टलेगा झारखंड में नगर निकाय चुनाव, बताई जा रही है ये वजह!

रांची: एक तरफ राज्य में नगर निकाय चुनाव की तैयारी जोरों पर है. वहीं दूसरी ओर इस चुनाव के टलने की अटकलें तेज हो गई हैं. दरअसल यह संभावना इस बात को लेकर व्यक्त की जा रही है कि राज्य में जल्द ही शुरू होने जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कारण नगर निकाय चुनाव प्रभावित होगा. अगर चुनाव आयोग के द्वारा इसकी घोषणा कर दी जाती है तो संवैधानिक रूप से नगर निकाय चुनाव पर ग्रहण लगना तय माना जा रहा है.
SIR से निकाय चुनाव प्रभावित नहीं होगा: एसईसी सचिव
एसआईआर की घोषणा से पहले अगर राज्य में नगर निकाय चुनाव की घोषणा हो जाती है तो निर्वाचन प्रक्रिया बाधित नहीं हो, इस पर भारत निर्वाचन आयोग की सहमति मिल सकती है. मामले को लेकर ईटीवी भारत के संवाददाता ने राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद बात की. उन्होंने इनकार करते हुए कहा कि एसआईआर से नगर निकाय चुनाव प्रभावित नहीं होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि एक साथ दोनों प्रक्रिया जारी रह सकती है.
जल्द चुनाव कराने की सरकार की मंशा नहीं है: याचिकाकर्ता
झारखंड हाईकोर्ट में नगर निकाय चुनाव के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने वाले याचिकाकर्ता अरुण कुमार झा कहते हैं कि सरकार की मंशा इस चुनाव को जल्द कराने की नहीं है. शायद यही वजह है कि निकाय चुनाव अभी तक टलता रहा है. उन्होंने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि एसआईआर के कारण एक बार फिर यह चुनाव तत्काल रुक जाए. जाहिर तौर पर राज्य में एसआईआर पूरा होने में करीब 3 महीने का वक्त लगेगा. इसके बाद नए सिरे से मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा. फिर उसी आधार पर मतदान कराना राज्य निर्वाचन आयोग की विवशता होगी.
जिलों के डीसी-एसपी के साथ तैयारी की समीक्षा करने में जुटा आयोग
नगर निकाय चुनाव की तैयारी को लेकर 8 जनवरी को राज्य निर्वाचन आयोग आला अधिकारियों के साथ समीक्षा करने जा रही है. वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिए होने वाली इस समीक्षा बैठक में राज्य के सभी जिलों के डीसी-एसपी के अलावे नगर विकास सचिव, डीजीपी और गृहसचिव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे.
समीक्षा बैठक के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा निर्वाचन की तैयारी और सुरक्षा बलों की तैनाती सहित कई बिन्दुओं पर चर्चा की जाएगी. राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने जानकारी देते हुए कहा कि गुरुवार 12 बजे समीक्षा बैठक आहूत की गई है. जिसमें राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी के साथ-साथ आला अधिकारी मौजूद रहेंगे.






