छत्तीसगढ़ में उद्यानिकी की अपार संभावनाएं, ऑर्गेनिक खेती से डबल मुनाफा- राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर: राजधानी रायपुर के गांधी उद्यान में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय फल फूल और सब्जी प्रदर्शनी का शुक्रवार को राज्यपाल रमेन डेका ने किया. इस दौरान राज्यपाल ने प्रदर्शनी का भी जायजा लिया, जिसमें कई वरायटी के फल फूल और सब्जियां को उन्होंने देखा.
“प्रकृति हमारे जीवन का अनिवार्य अंग”
कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद अपने उद्बोधन में राज्यपाल ने कहा कि फल, फूल, सब्जी के साथ ही प्रकृति हमारे जीवन का एक अनिवार्य अंग है. इसलिए हमें प्रकृति से प्रेम करना चाहिए. जितना हो सके फल फूल और सब्जी पर भी हमें ध्यान देना होगा. प्रकृति रहेगी तभी हमें शुद्ध ऑक्सीजन मिल पाएगा. प्रदर्शनी का आयोजन प्रकृति की ओर सोसायटी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय उद्यानिकी और नाबार्ड की तरफ से किया गया.
“छत्तीसगढ़ में उद्यानिकी की संभावनाएं”
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि प्रदर्शनी देखकर प्रसन्नता हुई क्योंकि फूल और संगीत दोनों ही जीवन में शांति और आनंद लाते हैं. जैसे संगीत मन को सुकून देता है, वैसे ही फूल भी हमें शांति और अद्भुत आनंद प्रदान करते हैं. फूलों का व्यापार आज एक बड़ा उद्योग बन चुका है. उन्होंने ताईवान का उदाहरण देते बताया कि वहां फूलों का कारोबार अत्यंत विकसित है. छत्तीसगढ़ में भी उद्यानिकी की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें सही दिशा और प्रोत्साहन से आगे बढ़ाया जा सकता है.
पारंपरिक खेती को अपनाएं लोग
राज्यपाल ने आगे कहा कि ऑर्गेनिक खेती से मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) होता है. छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक खेती पारंपरिक रूप से होती रही है. जिसमें गोबर, गोमूत्र से खाद तैयार किया जाता है. उन्होंने चिंता जताई कि ज्यादा रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से खेती की जमीन खराब हो रही है. इसके दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं. इसलिए ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है. फार्मिंग में उत्साहजनक परिणाम मिलते हैं, लेकिन नई पीढ़ी का खेती के प्रति आकर्षण कम हो रहा है. युवाओं को इस ओर ध्यान देना चाहिए. क्योंकि फार्मिंग में उन्नति की बहुत संभावनाएं हैं. लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.”






