ब्रेकिंग
भारत की इकोनॉमी का इंजन बना गुजरात: राजकोट में बोले PM मोदी— 'ग्लोबल पार्टनरशिप का नया गेटवे है यह र... भारत की सड़कों पर लिखा गया इतिहास: NHAI का डबल धमाका, दो वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के साथ दुनिया में लहराया प... वाराणसी में मनरेगा आंदोलन पर 'खाकी' का प्रहार: छात्रों पर जमकर चली लाठियां, संग्राम में तब्दील हुआ प... अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED की बड़ी स्ट्राइक: काली कमाई के खेल का होगा पर्दाफाश, PMLA के तहत केस की तै... "देवरिया में गरजा बाबा का बुलडोजर: अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई, हटाई गई अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार सावधान! फर्जी ऐप के मायाजाल में फंसा ITBP का जवान, ग्रेटर नोएडा में लगा 51 लाख का चूना "आतंकियों की 'आसमानी' साजिश बेनकाब: जम्मू में सेना ने पकड़ा सैटेलाइट सिग्नल, आतंकियों के हाथ लगा हाई... हाथों में चूड़ियाँ और माथे पर तिलक: इटली की गोरी पर चढ़ा शिव भक्ति का खुमार, संगम तट पर बनीं आकर्षण का... "दिल्ली बनी 'कोल्ड चैंबर': 3 डिग्री तक गिरा तापमान, जमा देने वाली ठंड से कांपी राजधानी "दरिंदगी की सारी हदें पार: पिता ने गर्लफ्रेंड का कत्ल कर उसका मांस खाया, बेटी के खुलासे से दुनिया दं...
छत्तीसगढ़

धान शॉटेज मामले में संग्रहण केंद्र प्रभारी निलंबित, डीएमओ को कारण बताओ नोटिस

कवर्धा: जिले के चर्चित धान शॉर्टेज मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. बाजार चारभाठा धान संग्रहण केंद्र में भारी मात्रा में धान की कमी सामने आने के बाद संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं, मामले को लेकर विवादित बयान देने वाले जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) अभिषेक मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इसके साथ ही पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए एक जांच समिति का गठन भी किया गया है.

7 करोड़ का धान खा गए चूहे !

बाजार चारभाठा और बघर्रा धान संग्रहण केंद्रों में धान की कमी की शिकायत पर कराई गई जांच में लगभग 26 हजार क्विंटल धान की शॉर्टेज सामने आई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया.इस दौरान अधिकारियों के कुछ हास्यास्पद बयानों ने भी विवाद को और बढ़ा दिया, जिसमें धान की कमी का कारण मौसम की मार, चूहे और दीमक द्वारा धान खा जाना बताया गया था.

कांग्रेस ने डीएमओ कार्यालय का किया घेराव

इन बयानों के बाद मीडिया में भ्रष्टाचार को लेकर खबरें चलीं और किसान कांग्रेस ने डीएमओ कार्यालय का घेराव कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए प्रतीकात्मक रूप से चूहा पकड़ने की जाली भी भेंट की थी.

“सूखत से हुई धान की कमी”

मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र में धान की कमी का मुख्य कारण ‘सूखत’ है, जो नमी कम होने से वजन घटने के कारण होती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कमी चूहों या कीड़ों द्वारा धान खाए जाने से नहीं हुई है, बल्कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है. आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020-21 में सूखत 3.9 प्रतिशत, 2021-22 में 3.67 प्रतिशत रही थी, जबकि चालू विपणन वर्ष 2024-25 में यह 3.5 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे कम है.

कलेक्टर ने कहा मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच समिति गठित की है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. जिला प्रशासन ने दोहराया है कि धान संग्रहण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.

Related Articles

Back to top button