ब्रेकिंग
Bahadurgarh News: घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर लोग, आधार अपडेशन के लिए टोकन सिस्टम लागू करने की... Punjab Singer R Nait: कमालपुर में हुई थी शूटिंग, हथियारों वाला वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शुर... Kaithal Police Action: दुष्कर्म मामले में समझौते का खेल बेनकाब, कोर्ट परिसर में पैसे लेने वाले आरोपी... GT Road Gannaur Crime News: सीसीटीवी में कैद हुआ भीषण सड़क हादसा, पुलिस आरोपी ट्रक चालक की तलाश में ... Haryana Teacher Achieves Success in Swimming: शिक्षा के बाद अब खेल जगत में चमका मंजू दहिया का नाम, द... Disha Salian Case: 'मातोश्री' पहुंचे दिशा सालियान के पिता; आदित्य ठाकरे से मांगी बिना शर्त माफी और 5... Etawah Crime News: जमीन बेचने के बाद रहस्यमय परिस्थितियों में मिला शख्स का शव, पत्नी ने लगाया हत्या ... Kosi River Elephant Video: कॉर्बेट लैंडस्केप में नदी पार कर रहा था हाथियों का झुंड, उफनती धारा में ब... West Bengal By-Elections Update: ममता बनर्जी के समर्थन के बाद गिरफ्तारी पर कांग्रेस का हमला, कोर्ट न... Dalhousie Bear Rescue Operation: डलहौजी में बस स्टैंड के पास मुंह में कनस्तर फंसे भालू का रेस्क्यू, ...
झारखण्ड

IIT ISM धनबाद में दुनियाभर के वैज्ञानिकों का होगा जुटान, स्मार्ट माइनिंग और ग्रीन एनर्जी पर होगा फोकस

धनबाद: इंडस्ट्रीज इंस्टीट्यूट इंटरेक्शन (III-2026) कॉन्क्लेव एंड एक्जीबिशन का आयोजन 6 से 8 फरवरी 2026 तक आईआईटी आईएसएम धनबाद में किया जाएगा. यह आयोजन आईआईटी आईएसएम धनबाद, विज्ञान भारती, सीएसआईआर-केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सिंफर) तथा TEXMiN के सहयोग से किया जा रहा है. आयोजन की थीम ‘स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स और ग्रीन एनर्जी: आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी’ है.

खनन और ऊर्जा क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देना

यह कॉन्क्लेव एवं एग्जीबिशन ग्रीन माइनिंग टेक्नोलॉजी, स्मार्ट माइनिंग सिस्टम, सस्टेनेबल माइनिंग मैनेजमेंट और क्लीन एनर्जी सॉल्यूशंस से जुड़े नए डेवलपमेंट पर चर्चा और जानकारी साझा करने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराएगा. आयोजन का मुख्य उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप खनन और ऊर्जा क्षेत्र में नई तकनीकों तथा स्थायी समाधान को बढ़ावा देना है.

नए कॉन्सेप्ट पर चर्चा

कार्यक्रम में माइनिंग 5.0 जैसे नए कॉन्सेप्ट पर चर्चा होगी, जिसमें डिजिटलाइजेशन, सर्कुलर इकोनॉमी और सस्टेनेबिलिटी पर विशेष फोकस रहेगा. इसके साथ ही भविष्य की जरूरतों को देखते हुए स्मार्ट टेक्नोलॉजी, ऑटोनॉमस माइनिंग सिस्टम, एनर्जी एफिशिएंट टेक्नोलॉजी, वेस्ट मिनिमाइजेशन और रीयूज जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की जाएगी.

फोकस क्रिटिकल मिनरल्स पर फोकस

दरअसल, सोमवार को आईआईटी आईएसएम के निदेशक सुकुमार मिश्रा ने इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करके बताया कि III-2026 का एक प्रमुख फोकस क्रिटिकल मिनरल्स (सीआरएम) रहेगा, जो देश की आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं. इन मिनरल्स की सीमित उपलब्धता और कुछ क्षेत्रों में उत्पादन/प्रोसेसिंग के केंद्रीकरण के कारण सप्लाई चेन में जोखिम और बाधा की संभावना बनी रहती है. लिथियम, ग्रेफाइट, कोबाल्ट, टाइटेनियम और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे मिनरल्स इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम, ट्रांसपोर्ट और डिफेंस सेक्टर के साथ-साथ रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी के लिए भी बेहद आवश्यक हैं.

विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप आयोजन

सिंफर के निदेशक डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि यह आयोजन विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है, जिसमें क्रिटिकल मिनरल्स और क्लीन एनर्जी भविष्य के प्रमुख फोकस एरिया है. कॉन्क्लेव में इस बात पर भी जोर रहेगा कि माइनिंग सेक्टर, देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि यही सेक्टर पावर प्लांट, ईवी, सोलर पैनल और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट के लिए आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध कराता है.

III-2026 में देश-विदेश के प्रमुख वैज्ञानिक, शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति-निर्माता भाग लेंगे. साथ ही यह आयोजन सेंटेनरी एलुमनाई रीयूनियन ‘बसंत 2026’ के साथ भी जुड़ा रहेगा, जिससे बड़ी संख्या में आईआईटी (आईएसएम) के पूर्व छात्र भी इसमें शामिल होंगे: डॉ. एनपी शुक्ला, विज्ञान भारती

छात्रों को मिलेगा अनुभव

विज्ञान भारती के डॉ. एनपी शुक्ला आगे कहा कि इस आयोजन में आने वाले वैसे छात्र जो विज्ञान में रुचि रखते हैं, उन्हें देश-विदेश के जाने माने वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद करने का भी मौका दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि वह प्रयास करेंगे कि इस आयोजन में भाग लेने वाले छात्रों का संवाद चंद्रयान 3 के नेतृत्वकर्ता एस सोमनाथ से भी हो सके, ताकि छात्र उनके अनुभव से भी सीख सके.

III-2026 का उद्देश्य क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता और ऊर्जा सुरक्षा के राष्ट्रीय लक्ष्यों को मजबूती देना है. इसके साथ ही माइनिंग और एनर्जी सेक्टर में इनोवेशन आधारित और सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा देना है.

Related Articles

Back to top button