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झारखण्ड

राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के हाथों में झारखंड भाजपा की कमान, 21 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नाम की भी घोषणा

रांची: झारखंड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लंबे समय से चल रहे संगठन पर्व का समापन हो गया. राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित घोषित किया गया. यह घोषणा केंद्रीय मंत्री एवं झारखंड संगठन पर्व के चुनाव अधिकारी जुएल उरांव ने रांची के कार्निवाल बैंकेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में की. आदित्य साहू एकमात्र उम्मीदवार थे, जिन्होंने नामांकन दाखिल किया था, जिसके कारण उनका निर्विरोध चुनाव हुआ.

21 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नाम घोषित

जुएल उरांव ने 21 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नाम भी घोषित किए. इनमें लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष करिया मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, समीर उरांव, अन्नपूर्णा देवी, रघुवर दास, चंपाई सोरेन, भानुप्रताप शाही, अभयकांत प्रसाद, गीता कोड़ा, मधु कोड़ा, प्रदीप वर्मा सहित अन्य प्रमुख नेता शामिल हैं.

आदित्य साहू का भावुक पहला भाषण- पार्टी को मां बताया

अपने पहले भाषण में आदित्य साहू ने पार्टी को “मां” करार देते हुए कहा, “भाजपा हमारी मां है, इस मां ने हमें जो पहचान दी है, उसका मैं आजन्म ऋणी रहूंगा.” उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय सहित पार्टी के पुरोधाओं को नमन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी में बूथ स्तर से कोई भी शिखर तक पहुंच सकता है. उन्होंने “चरैवेति-चरैवेति” का मंत्र देते हुए धैर्य बनाए रखने की बात कही.

आदित्य साहू ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को बड़े भाई बताते हुए कहा कि अब उनका हर क्षण पार्टी के लिए समर्पित है. उन्होंने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को पार्टी की सफलता का आधार बताया.

सरकार बनाने की हड़बड़ी नहीं, झारखंड को बचाने की जरूरत

आदित्य साहू ने वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार को नाकाम बताते हुए कहा कि भाजपा को सरकार बनाने की कोई हड़बड़ी नहीं है, बल्कि झारखंड को बचाने की हड़बड़ी है. उन्होंने 2024 चुनाव में झूठ के कारण सरकार न बन पाने की बात कही, लेकिन जनता का विश्वास अभी भी भाजपा पर है. साहू ने जमीन लूट, घुसपैठियों की बढ़ती संख्या, संथाल क्षेत्र में मतदाताओं की असामान्य वृद्धि (78.6%) और पेसा नियमावली में छल का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अमित शाह-मोदी ने घुसपैठियों को निकालने का वादा किया है और विरोधी SIR का विरोध कर रहे हैं.

अन्य नेताओं ने क्या कहा

समीर उरांव ने कहा कि नई टीम जोश के साथ काम करेगी और 2029 में भाजपा को सत्ता में लौटाना है. पीएन सिंह ने आदित्य साहू को “24 कैरेट भाजपाई” बताया और कहा कि उन्होंने 20 साल पहले उन्हें रांची ग्रामीण का अध्यक्ष बनाया था. वहीं, अन्नपूर्णा देवी ने साहू को सौम्य और मिलनसार बताते हुए कहा कि सबको साथ लेकर पार्टी को शिखर पर ले जाएंगे. अर्जुन मुंडा ने कहा कि साहू के नेतृत्व में संगठन मजबूत होगा और 2029 में भाजपा की सरकार बनेगी.

जुएल उरांव ने ओडिशा भाजपा की सफलता की कहानी सुनाकर कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि साहू के नेतृत्व में भाजपा और मजबूत होगी. उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की बदहाली, विकास में बाधा और चुनौतियों का जिक्र करते हुए एक-एक बूथ मजबूत करने की बात कही. यह संगठनात्मक बदलाव 2024 विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी को नई दिशा देने का प्रयास माना जा रहा है. आदित्य साहू का बूथ स्तर से प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर पार्टी में सामान्य कार्यकर्ता की संभावनाओं को दर्शाता है.

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