ब्रेकिंग
अलवर में अनोखी शादी: दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद बने पति-पत्नी Punjab Railway Track Blast: सरहिंद में मालगाड़ी के पास संदिग्ध विस्फोट, 12 फीट उड़ी पटरी; RDX की आशं... Mirzapur News: जोरदार धमाके से दहल उठा मिर्जापुर, ताश के पत्तों की तरह गिरीं 10 दुकानें; भीषण आग से ... Greater Noida Student Suicide: शराब पीकर आने पर प्रबंधन ने बनाया था वीडियो, पिता की डांट से क्षुब्ध ... FASTag और Amazon Gift Card के जरिए करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से पकड़े 2 मास्टरमाइंड शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और UP सरकार के बीच बढ़ा विवाद, प्रयागराज से लखनऊ तक छिड़ा 'पोस्टर वॉर' PM Modi के आह्वान पर BJP का बड़ा कदम, देशभर से चुने जाएंगे 1000 युवा नेता; जानें पूरी प्रक्रिया Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र...
दिल्ली/NCR

FASTag और Amazon Gift Card के जरिए करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से पकड़े 2 मास्टरमाइंड

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ठगी के लिए ‘फास्टैग’ (FASTag) और ‘अमेजन गिफ्ट कार्ड’ का इस्तेमाल कर रहा था. पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से दो मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह इतना शातिर था कि पुलिस को चकमा देने के लिए डिजिटल वॉलेट और गिफ्ट कार्ड का जाल बुनता था.

धोखाधड़ी का यह खेल तब शुरू हुआ जब दिल्ली के एक निवासी को WhatsApp पर एक मैसेज मिला, जो बिल्कुल सरकारी ‘ई-चालान’ जैसा दिख रहा था. मैसेज के साथ एक ‘APK फाइल’ (सॉफ्टवेयर फाइल) अटैच थी. जैसे ही पीड़ित ने उस फाइल को डाउनलोड किया, उसका फोन हैक हो गया और देखते ही देखते उसके बैंक खाते से 1 लाख रुपये से अधिक की राशि पार कर दी गई.

पकड़े जाने से बचने के लिए ‘फास्टैग’ का सहारा

पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. आरोपी ठगी की रकम को सीधे बैंक से निकालने के बजाय उसे कई अलग-अलग वाहनों के ‘फास्टैग’ अकाउंट में ट्रांसफर कर देते थे. इसके बाद, उस राशि को ‘अमेजन गिफ्ट कार्ड’ में बदल दिया जाता था. इस जटिल प्रक्रिया के कारण पुलिस के लिए पैसों के ट्रेल (निकासी के मार्ग) का पता लगाना लगभग नामुमकिन हो जाता था.

छापेमारी में मिला ‘साइबर ठगी का जखीरा’

दिल्ली पुलिस ने जब राजस्थान के घड़साना में छापेमारी की, तो वहां ‘बंसरी कंपनी’ नामक फर्म की आड़ में चल रहा एक पूरा साइबर सेटअप मिला. पुलिस ने मौके से जो बरामद किया वह हैरान करने वाला था. 70 मोबाइल फोन और 10 लैपटॉप, 467 सिम कार्ड और 37 एटीएम कार्ड, 10 बैंक पासबुक और कई फास्टैग और एक पीओएस (POS) मशीन बरामद हुई.

देशभर में फैला था नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्जनों शिकायतें दर्ज हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों से जुड़ी हैं. यह गिरोह बड़े पैमाने पर निर्दोष लोगों को निशाना बना रहा था. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कितने लोग शामिल हैं और अब तक उन्होंने कितने करोड़ों की ठगी की है?

Related Articles

Back to top button