मुंबई लोकल ट्रेन हत्याकांड: सीट या कुछ और? जानें किस बात पर शुरू हुआ विवाद और कैसे हुई प्रोफेसर की हत्या

महाराष्ट्र में शनिवार शाम मुंबई के मलाड रेलवे स्टेशन पर हुई प्रोफेसर की हत्या के मामले में रेलवे पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि आलोक सिंह पेशे से प्रोफेसर थे. यह घटना शनिवार शाम मलाड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर उस समय हुई, जब लोकल ट्रेन से उतरते वक्त भारी भीड़ के कारण आलोक सिंह की टक्कर एक अन्य यात्री से हो गई.
इस घटना के बाद का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसमें साफ नजर आ रहा है कि आरोपी ओमकार एकनाथ शिंदे लोकल ट्रेन से उतरते हुए ट्रेन के अंदर खड़े आलोक सिंह पर धारदार हथियार से हमला करता है और तुरंत फरार हो जाता है. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आरोपी आगे बढ़ने के लिए लगातार धक्का दे रहा था, जिस पर आलोक सिंह ने आपत्ति जताई और कहा कि सामने एक महिला खड़ी है. इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया.
स्टेशन पर मच गई अफरा-तफरी
इसके बाद गुस्से में आकर आरोपी ओमकार एकनाथ शिंदे ने अपनी जेब में रखे एक धारदार चिमटे से आलोक सिंह के पेट पर हमला कर दिया. हमले के बाद आलोक सिंह खून से लथपथ होकर प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े. उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां अस्पताल ले जाते हुए उनकी मौत हो गई. घटना के बाद आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में दहशत फैल गई. रेलवे पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की और स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली.
तैनात सुरक्षा कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग
पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार चाकू नहीं, बल्कि एक तेज धार वाला चिमटा था, जिसे आरोपी ने घटना के बाद फेंक दिया. पुलिस अब उस हथियार की तलाश कर रही है. इस घटना के बाद मृतक के परिवार ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं. परिवार का कहना है कि मलाड स्टेशन पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को निलंबित किया जाना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया है कि जब कोई यात्री खुलेआम धारदार हथियार लेकर यात्रा कर सकता है तो रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था आखिर कितनी मजबूत है. मेटल डिटेक्टर कहां हैं और अगर भविष्य में कोई बड़ा हादसा हुआ, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
इस घटना के बाद रेलवे पुलिस ने पूरे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से अपील कर रही है कि वो मामूली बात पर किसी अन्य मुसाफिर से झगड़ा लड़ाई न करें. वरना घटना गंभीर रूप ले लेती है. अब पुलिस यह जांच कर रही है कि यह हमला सिर्फ गुस्से में किया गया था या इसके पीछे कोई और वजह भी थी. मामले की जांच जारी है.






