जनरेश्वर मिश्र पार्क, लखनऊ स्थित “जुरासिक पार्क” या डायनासोर पार्क को लेकर गंभीर सवाल ?

जनरेश्वर मिश्र पार्क, लखनऊ में स्थित “जुरासिक पार्क” या डायनासोर पार्क को लेकर इस समय गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल के तहत विकसित की गई थी और इसका उद्घाटन 02 अक्टूबर 2024 को हुआ था। इस परियोजना का संचालन निजी कंपनी इन्फिनिटी9 द्वारा किया जा रहा है, जिसके मालिक बताए जाते हैं आदित्य आनंद, निवासी दिल्ली। दस्तावेजों और सामने आई जानकारियों के अनुसार, इस परियोजना की कुल स्वीकृत लागत लगभग 7.5 करोड़ रुपये थी, जिसमें से करीब 5 करोड़ रुपये, यानी लगभग 75 प्रतिशत राशि लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा सार्वजनिक धन के रूप में दी गई, जबकि शेष 2.5 करोड़ रुपये का निवेश निजी रियायतधारी को करना था।
लेकिन स्वतंत्र सिविल लागत विशेषज्ञों और स्थल निरीक्षण से जुड़े लोगों का दावा है कि पार्क में निर्मित संरचनाएँ और इंस्टॉलेशन उस लागत और गुणवत्ता से मेल नहीं खाते, जैसा टेंडर के दौरान दर्शाया गया था। कई डायनासोर मॉडल और स्ट्रक्चर कथित रूप से प्री-फैब्रिकेटेड या पुनः उपयोग की गई सामग्री से बने प्रतीत होते हैं। इसके बावजूद, इन्फिनिटी9 को 15 वर्षों के लिए मूल्यवान सार्वजनिक भूमि पर विशेष संचालन अधिकार मिले, और राजस्व-साझेदारी मॉडल के तहत टिकट बिक्री का 70 प्रतिशत हिस्सा निजी संचालक तथा केवल 30 प्रतिशत हिस्सा LDA को दिया जाना तय बताया गया। आरोप यह भी हैं कि “डिनो राइड” और रेस्तरां जैसी सुविधाओं से होने वाली अतिरिक्त आय को पूरी तरह रिपोर्ट नहीं किया गया। इन्हीं शिकायतों के चलते अगस्त 2025 में LDA में औपचारिक शिकायत दर्ज हुई, जिसके बाद 16 से 19 अगस्त 2025 के बीच पार्क को सत्यापन के लिए बंद किया गया और टिकटिंग प्रणाली में बदलाव किए गए। एक पूर्व कर्मचारी के अनुसार, वास्तविक आगंतुक संख्या और घोषित राजस्व में अंतर हो सकता है। अब सवाल यह है कि क्या सार्वजनिक धन का सही उपयोग हुआ, क्या संविदात्मक शर्तों का पालन किया गया, और क्या इस पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी व वित्तीय ऑडिट से निष्पक्ष जांच नहीं होनी चाहिए? यही सवाल आज लखनऊ के नागरिक पूछ रहे हैं।







