ब्रेकिंग
Bengaluru Quarry Accident: बेंगलुरु की पत्थर खदान में बड़ा हादसा, चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों ... Indore School News: स्कूल की जमीन पर बना मंदिर, 150 बच्चों का भविष्य एक कमरे के भरोसे; पढ़ें पूरी रिप... Ujjain Shipra Aarti: उज्जैन रामघाट पर प्रशासन की कार्रवाई, आरती स्थल से लाउडस्पीकर जब्त होने पर तीर्... MP Monsoon Alert: मध्य प्रदेश में मानसून का यू-टर्न, 48 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट ... Jabalpur Politics: कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद जबलपुर में 'बगावत' के सुर, विवेक तन्खा ने उठाए वि... Sagar Water Supply News: सागर-मकरोनिया में टाटा प्रोजेक्ट्स की विदाई, अब नगर निगम खुद संभालेगा पानी ... Shahdol Anganwadi Recruitment 2026: शहडोल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदों पर बंपर भर्ती, 13... Balaghat Fire News: राघोटोला पंप हाउस में लगी भीषण आग, 150 करोड़ की सिंचाई परियोजना को करोड़ों का नुकस... Chhatarpur News: CM मोहन यादव के विकास कार्यों की शिलापट्टिकाएं कबाड़ में मिलीं, प्रशासनिक अमले में ह... Gwalior Looteri Dulhan: शादी के 21 दिन बाद गहने लेकर भागी पत्नी, इंस्टाग्राम पर पति को दे रही 'डेथ व...
झारखण्ड

Adityapur News: 10 साल, 2 वार्ड और अंतहीन इंतजार! सीमा विवाद की भेंट चढ़ी वार्ड 14-15 की बुनियादी सुविधाएं, जनप्रतिनिधि मौन

सरायकेला: आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के दावों और हकीकत के बीच की खाई वार्ड संख्या 14 और 15 के सीमावर्ती इलाके में साफ देखी जा सकती है. पिछले एक दशक से यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से कटा हुआ है. पक्की सड़कें, जल निकासी के लिए नालियां और नियमित साफ-सफाई जैसी बुनियादी जरूरतें यहां आज भी एक सपना बनी हुई हैं. दो वार्डों के बीच स्थित होने के कारण यह इलाका ‘नो मैन्स लैंड’ जैसी स्थिति झेल रहा है.

वार्डों की सीमा बनी विकास में बाधा

स्थानीय निवासियों का सबसे बड़ा दर्द यह है कि उनका घर दो वार्डों के बॉर्डर पर पड़ता है. निवासियों के अनुसार, जब भी वे अपनी समस्याओं को लेकर वार्ड पार्षदों के पास जाते हैं, तो उन्हें अक्सर दूसरे वार्ड का मामला बताकर टाल दिया जाता है. इस खींचतान में पिछले 10 वर्षों से न तो यहां सड़कों का निर्माण हुआ और न ही नालियों की मरम्मत की गई.

​जलजमाव और बीमारियों का बसेरा

​क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और जर्जर बुनियादी ढांचे के कारण बरसात के दिनों में यह इलाका टापू में तब्दील हो जाता है. कच्ची सड़कें कीचड़ से भर जाती हैं, जिससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है. उचित ड्रेनेज सिस्टम न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है, जो मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों को न्योता दे रहा है. बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी घातक साबित हो रही है.

​जनता का अल्टीमेटम: ‘विकास नहीं, तो वोट नहीं’

लगातार मिल रही उपेक्षा ने अब स्थानीय लोगों के धैर्य का बांध तोड़ दिया है. आगामी नगर निगम चुनाव को देखते हुए वार्ड 14 और 15 के बॉर्डर क्षेत्र के लोगों ने एकजुट होना शुरू कर दिया है. मोहल्ले की बैठकों में अब केवल एक ही नारा गूंज रहा है— “जो विकास करेगा, वही वार्ड पर राज करेगा.”

​स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे अब झूठे आश्वासनों के बहकावे में नहीं आएंगे. इस बार मतदान का आधार केवल और केवल क्षेत्र में जमीनी स्तर पर दिखने वाला काम होगा.

Related Articles

Back to top button