संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग और वोट चोरी का आरोप
सीएम हेमंत सोरेन ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि संवैधानिक शक्तियों को जेब में रखकर और वोट चोरी कर प्रजातंत्र के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भले ही हम मानसिक, बौद्धिक और आर्थिक तौर पर कमजोर हैं, लेकिन मूर्ख नहीं है. हमारे खिलाफ की जा रही राजनीतिक चक्रव्यूह, षड्यंत्र को भली भांति समझते हैं और उसका जवाब भी देना जानते हैं.
एकजुट होने का किया गया आह्वान
सीएम हेमंत सोरेन ने लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आप सब की बदौलत ही हम यहां मौजूद हैं. आप ऐसे ही एकजुट होकर हमारा साथ दें. अगर आप अपना अधिकार प्राप्त करना चाहते हैं तो अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें ताकि समाज में वे बेहतर स्थान प्राप्त कर राज्य को आगे बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें.
संथाली भाषा में किया संबोधन
दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन संथाली भाषा में लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने शिबू सोरेन को याद करते हुए कहा कि काफी मेहनत से उन्होंने इस राज्य को अलग कराया. यहां के लोगों को उनका अधिकार दिलाने के लिए उन्होंने काफी कष्ट उठाया. उन्होंने कहा कि आज वह हमारे साथ नहीं हैं पर उनकी यादें हमेशा साथ रहेंगी. उन्होंने जो मार्ग दिखाया हमलोग उस पर चलते हुए झारखंड को आगे बढ़ाएंगे.
SIR के प्रति लोग सजग रहे: मंत्री हफीजुल हसन
इधर, झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन अंसारी और राजमहल सांसद विजय हांसदा ने लोगों से एसआईआर के प्रति सजग रहने की बात कही. मंत्री ने कहा कि एसआईआर के दौरान तरह-तरह का प्रोपेगेंडा अपनाकर नाम काटने का प्रयास किया जा सकता है. वहीं, विजय हांसदा ने कहा ध्यान रखें कि किसी का नाम नहीं कटे.