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उत्तरप्रदेश

India’s Fastest Metro: भारत की सबसे तेज मेट्रो की रफ्तार ने चौंकाया, अब घंटों का सफर मात्र 30 मिनट में होगा पूरा

मेरठ शहर अब तेज रफ्तार सफर की ओर बढ़ रहा है. 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के साथ मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज मेट्रो सेवा बनने जा रही है. इस रफ्तार से शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होगा.

यह मेट्रो सेवा मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 21 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर चलेगी. इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए गए हैं. सभी स्टेशनों पर रुकते हुए मेट्रो पूरी दूरी लगभग 30 मिनट में तय करेगी.

सबसे बड़ी खासियत यह है कि पहली बार भारत में मेरठ मेट्रो, सेमी-हाईस्पीड नमो भारत ट्रेनों के साथ एक ही ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर संचालित होगी. यानी क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम और शहर की मेट्रो सेवा का अनोखा संगम देखने को मिलेगा. इससे यात्रियों को बेहतर और एकीकृत परिवहन सुविधा मिलेगी.

क्या-क्या सुविधाएं होंगी?

मेट्रो के डिब्बे आधुनिक स्टेनलेस स्टील से बने हल्के कोच होंगे. इनका रंग संयोजन हरा, नीला और नारंगी होगा, जो इसे अलग पहचान देगा. तीन कोच वाली ये ट्रेनें ऊर्जा बचाने वाली तकनीक से लैस होंगी. इनमें रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे बिजली की बचत होगी. साथ ही ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन और ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन सिस्टम भी होगा, जो सफर को और सुरक्षित बनाएगा.

पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन में 700 से ज्यादा यात्रियों के सफर की क्षमता होगी, जिनमें 173 सीटें होंगी. बैठने की व्यवस्था आगे-पीछे और साइड दोनों तरह की कुशन सीटों के साथ होगी. यात्रियों के लिए सामान रखने की रैक, मोबाइल चार्जिंग के लिए USB पोर्ट और महिलाओं, बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीटों की सुविधा भी दी गई है.

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी स्टेशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. हर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर होंगे. इसके अलावा लिफ्ट, व्हीलचेयर स्पेस और स्ट्रेचर के लिए विशेष स्थान जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी.

मेरठ मेट्रो से रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. इससे शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक व सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मेट्रो सेवा का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ मेरठ, उत्तर प्रदेश का पांचवां शहर बन जाएगा, जहां मेट्रो नेटवर्क उपलब्ध होगा.

अब तक भारत में किसी मेट्रो कॉरिडोर पर सबसे अधिक 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर थी, लेकिन मेरठ मेट्रो इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने जा रही है.

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