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Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पीछे की वजह

Ramadan 2026: इन दिनों रमज़ान का पाक यानी पवित्र महीना चल रहा है. मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा, सहरी और इफ्तार कर रहे हैं. रमज़ान मुस्लिम समुदाय के लोगों के आत्मसंयम, इबादत और दया का महीना माना जाता है. इस दौरान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखा जाता है. मुस्लिम समुदाय के लोग अपने जीवन को अध्यात्मिक रूप से शुद्ध करने का प्रयास करते हैं.

मुसलमानों का मानना ​​है कि रमज़ान वह महीना है जब 1400 साल से भी अधिक समय पहले पैगंबर मुहम्मद को कुरान की पहली आयतें अवतरित हुई थीं. हर साल एक बार रमज़ान का महीना आता है, लेकिन एक साल भी होगा, जिसमें रमज़ान का पाक महीना दो बार आएगा. आइए जानते हैं कि किस साल में रमज़ान दो बार पड़ेगा और क्यों?

साल 2030 में दो बार पड़ेगा रमज़ान

साल 2030 में दो बार रमज़ान का पक महीना आएगा. दरअसल, इस्लामी कैलेंडर चंद्र कैलेंडर पर आधारित है, जिसमें महीने 29 या 30 दिनों के होते हैं. इस हिसाब से इस्लामिक वर्ष कुल 354 दिनों का माना जाता है. जबकि ग्रेगोरियन (अंग्रेजी) कैलेंडर का आधार सौर गणना होती है. इसकी अवधि 365 दिनों की होती है. यही वजह है कि इस्लामिक महीना हर साल लगभग 10-12 दिन पहले शुरू हो जाता है.

यही कारण है कि 2030 में रमज़ान दो बार आएगा. साल 2030 में पहला रमज़ान 05 जनवरी से शुरू होगा और उसके बाद इस्लामिक कैलेंडर के चलते दूसरा रमज़ान 26 दिसंबर 2030 से शुरू होगा. इस तरह साल 2030 में दो बार रमज़ान पड़ेगा. हालांकि, पहले भी एक साल में दो बार रमज़ान का पाक माह पड़ चुका है. पहले साल 1997 में ऐसा हुआ था.

1997 में दो बार पड़ा था रमज़ान

साल 1997 में इस्लामिक कैलेंडर के इस बदलाव के कारण पहला रमज़ान का माह 10 जनवरी को शुरू हुआ था. फिर दूसरा रमज़ान का माह 31 दिसंबर से शुरू हुआ था. उससे पहले यही स्थिति साल 1965 में भी बनी थी. इस साल में दो बार रमज़ान पड़ा था. इस्लामिक कैलेंडर की यह विशेषता इसे ग्रेगोरियन कैलेंडर से अलग करती है. कई सालों के अंतराल पर रमज़ान एक ही वर्ष में दो बार पड़ता है.

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