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गर्भवती महिला के बच्‍चे की मौत मामले में हाई कोर्ट ने पूछा, अब तक क्‍या कार्रवाई हुई

रांची। कोरोनावायरस से निपटने के मामले को लेकर दाखिल विभिन्न याचिकाओं पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन ने इलाज के अभाव में गर्भवती महिला के बच्चे की मौत के मामले में सरकार से पूछा कि इस मामले में अब तक क्या कार्यवाही की गई है। इसकी पूरी जांच रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जाए। सरकार की ओर से देरी से जवाब दाखिल करने की वजह से याचिका पर सुनवाई टल गई। लेकिन अदालत ने पूछा कि बाहर से आने वाले छात्रों और मजदूरों को क्वॉरंटाइन करने की क्या व्यवस्था की गई है। साथ ही सरकार यह भी बताए कि अब तक कितने लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया है

गर्भवती महिला के इलाज नहीं होने से बच्चे की मौत की जांच का आदेश

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने रांची में एक गर्भवती महिला के अस्पतालों में इलाज नहीं होने के मामले की जांच का आदेश विभाग के प्रधान सचिव डा. नितिन मदन कुलकर्णी को दिया है। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि प्रसव एवं अन्य गंभीर रोगों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की जाए ताकि इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो। बता दें कि रांची के एक फोटो जर्नलिस्ट की गर्भवती पत्नी का समय पर इलाज नहीं होने से बच्चे की मौत हो गई। हरमू के एक निजी क्लिनिक के अलावा दो सरकारी अस्पतालों डोरंडा तथा सदर अस्पताल से उसे इलाज के बिना लौटा दिया गया था। अंत में उसे एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसके बच्चे की मौत हो गई।

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