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छत्तीसगढ़

“बस्तर में अब गूंजती है शांति की आवाज!”—सीएम विष्णु देव साय का बड़ा दावा; बताया कैसे सरकार ने नक्सलियों के गढ़ में बहाल की खुशहाली

रायपुर: शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आदि परब जनजातीय संस्कृति समारोह में शामिल हुए. सीएम ने इस मौके पर कहा कि बस्तर में तेजी से खुशहाली और शांति बहाली लौट रही है. सीएम ने कहा कि ‘आदि परब’ जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच प्रदान करने का बेहतरीन आयोजन है. इस तरह के आयोजन से लोग अपनी संस्कृति और जमीन से जुड़ते हैं. कार्यक्रम के दौरान सीएम साय ने 43 जनजातियों के पारंपरिक परिधान में सजे अटायर शो का भी लिया आनंद. आयोजन के दौरान ‘आदि परब’ चित्रकला और परिधान को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. सीएम ने इस मौके पर जनजातीय विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा और शोधार्थियों के लिए 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण भी किया.

बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल

सीएम ने कहा, हमारी सरकार जनजातीय समाज के भविष्य को संवारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से अब हम बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में कामयाब हो रहे हैं. बस्तर पिछले लगभग 40 वर्षों से विकास से अछूता रहा और लंबे समय तक नक्सल प्रभाव से प्रभावित था, लेकिन अब परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं. सीएम ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन के साथ-साथ खुशहाली और समृद्धि का नया दौर आएगा. कार्यक्रम का आयोजन नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में आयोजित किया गया.

‘आदि परब’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आदि परब’ की थीम ‘परंपरा से पहचान तक’ रखी गई है. यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भाग लिया. सीएम ने कहा कि प्रदेश की 43 विभिन्न जनजातियों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जो हमारी सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए विभाग की पूरी टीम को बधाई दी तथा ‘आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिले ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ पुरस्कार के लिए भी शुभकामनाएं दी. मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टीआरटीआई परिसर में 5 करोड़ की लागत से निर्मित 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण किया.

जनजातीय बाहुल्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के आयोजन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की व्यापकता को प्रदर्शित करता है. हमारी लोक परंपराएँ ही हमारी असली पहचान हैं. यहां स्थित दो संग्रहालयों में से एक शहीद वीर नारायण सिंह जी की जीवनगाथा को समर्पित है. 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के पहले डिजिटल ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ का लोकार्पण किया था, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है: विष्णु देव साय, सीएम

पीएम मोदी के दौरे का जिक्र कर उनकी तारीफ की

मुख्यमंत्री ने कहा, दूसरे जनजातीय संग्रहालय में जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कारों सहित जनजातीय जीवन के विभिन्न अवसरों पर पहने जाने वाले पारंपरिक परिधानों और रीति-रिवाजों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया है. आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत को सहेजना होगा. सीएम ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे नेतृत्व के कारण आदिवासी समाज का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के लिए आदिवासी समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मु को अवसर मिला, जो पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है.

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में चिन्हित 6 हजार 691 बसाहटों का कायाकल्प किया जा रहा है. अति पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों को सड़क, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. इस योजना के तहत प्रदेश की 2300 से अधिक पीवीटीजी बसाहटों के 56 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं: विष्णु देव साय, सीएम

नियद नेल्लानार योजना की तारीफ

मुख्यमंत्री ने कहा, नियद नेल्लानार योजना (आपका अच्छा गांव) हमारी सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के जनजातीय गांवों तक सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं. साथ ही इन क्षेत्रों के लोगों को अब सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है. आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद जनजातीय समाज के गौरव के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं

मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि सरकार 3357 आश्रम-छात्रावास, 17 प्रयास विद्यालय और 75 एकलव्य विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय वर्ग के भविष्य को संवारने का कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने एफआरए के तहत 4 लाख 25 हजार 425 हितग्राहियों को 3.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पट्टा प्रदान किया है.

वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बधाई

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने ‘परंपरा से पहचान तक’ की थीम पर आयोजित ‘आदि परब’ के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि हमने नक्सलवाद की पीड़ा को नजदीक से देखा है और अब डबल इंजन की सरकार के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद समाप्ति की ओर बढ़ रहा है.

यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वालों को किया सम्मानित

सीएम साय ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले जनजातीय समाज के अंकित साकिनी और डायमंड ध्रुव को सम्मानित किया. साथ ही प्रयास आवासीय विद्यालय के उन विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया जिनका चयन NIT और IIT में हुआ है. मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए चेक भी प्रदान किए. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरगुजा क्षेत्र के जनजातीय इतिहास पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया.

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