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मध्यप्रदेश

MP Road Accident News: मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का तांडव, हाईकोर्ट ने 9 विभागों से मांगा जवाब; 41 मौतों के डेली एवरेज पर जताई कड़ी नाराजगी

जबलपुर : मध्य प्रदेश में हर दिन 41 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हो जाती है, इस चौंकाने वाले आंकड़े के साथ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसपर सुनवाई जारी है. याचिका में कहा गया था कि सड़क दुर्घटना सिर्फ वाहन चालकों की गलती के कारण नहीं बल्कि खराब सड़क इंजीनियरिंग, जानलेवा गड्ढों, अवैध अतिक्रमण, और बिना उचित ट्रेनिंग के बांटे गए ड्राइविंग लाइसेंस के कारण होती है. मंगलवार को हाईकोर्ट जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने फिर इस याचिका पर सुनवाई की.

रोड एक्सिडेंट सिर्फ चालक की गलती नहीं

जबलपुर निवासी आशीष शिवहरे की ओर से ये याचिका दायर की गई थी. याचिका में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट का हवाला देते हुए देते हुए कहा गया था कि मध्य प्रदेश में हर दिन लगभग 41 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत होती है. वहीं, देश में रोजना 350 से अधिक लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत होती है. प्रशासन हर दुर्घटना को सिर्फ चालक की गलती बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता. याचिका में आगे कहा गया कि दुर्घटनाएं अक्सर खराब सड़क इंजीनियरिंग, जानलेवा गड्ढों, अवैध अतिक्रमण, और बिना उचित ट्रेनिंग के बांटे गए ड्राइविंग लाइसेंस के कारण होती है.

खराब सड़कों को लेकर जिम्मेदारी तय हो

याचिका में राहत चाही गई थी कि पुलिस और नगरीय प्रशासन की एकीकृत जवाबदेही तय की जाए. इंजीनियरों और ठेकेदारों पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 198 का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए. इसके साथ ही खराब सड़कों के डिजाइन, मोड़ या गड्ढों के कारण किसी की जान जाती है, तो संबंधित इंजीनियरों और ठेकेदारों पर आपराधिक मामला दर्ज हो. खराब सड़कों पर टोल वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.

ड्राइविंग नियमों को लेकर और सख्ती हो

याचिका में यह भी मांग की गई थी कि लाइसेंसिंग सिस्टम में सुधार करते हुए सभी मौजूदा ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के लिए एक डिजिटल री-ट्रेनिंग एप के माध्यम से नियमों की जानकारी दी जाए.
दोपहिया वाहनों में हेलमेट चोरी की समस्या से बचने और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इन-बिल्ट हेलमेट लॉकर अनिवार्य किए जाएं. ऐसा रोड सेफ्टी ऐप बनाया जाए जहां आम जनता खतरनाक सड़कों, ब्लैक स्पॉट्स और गड्ढों की फोटो सहित सीधी शिकायत कर सके और उस पर वैज्ञानिक जांच हो. हाईवे पर ढाबों के पास अवैध पार्किंग, शराब की बिक्री और आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं के लिए स्थानीय थाना प्रभारी और प्रशासन की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाए.

कोर्ट ने दिखाई सख्ती, 9 विभागों को नोटिस

मध्य प्रदेश में हर दिन रोड एक्सिडेंट में 41 लोगों की मौत के आंकड़े पर युगलपीठ ने याचिका को गंभीरता से लिया है. कोर्ट ने अनावेदक 9 विभागों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है. युगलपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अरिहंत तिवारी को कोर्ट मित्र नियुक्त करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 27 अप्रैल को निर्धारित की है.

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