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World Water Day 2026: हजारीबाग का वो ‘वॉटर मॉडल’ जिसने खत्म कर दिया जल संकट; सालों पुराने संरक्षण कार्य ने बदली पंचायत की सूरत

हजारीबाग: हर वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है. इसका उद्देश्य दुनिया भर में मीठे पानी के महत्व को समझाना, जल संकट के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जल संरक्षण के टिकाऊ प्रबंधन के लिए लोगों को प्रेरित करना है. हजारीबाग के सुदूरवर्ती कटकमसांडी प्रखंड के तात्कालिक मुखिया दिलीप कुमार रविदास ने जल संचयन को लेकर बेहतर प्रयास किया. जिससे उनकी चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम की. जिसको लेकर तत्कालीन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उन्हें सम्मानित किया था. दिलीप कुमार रविदास के प्रयास से गांव में जल स्तर में वृद्धि हुई है.

पांच साल पहले शुरू किया था जल संरक्षण का काम

हजारीबाग के कटकमसांडी प्रखंड के लुपूंग गांव में कई वर्ष पहले ही जल संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण काम किए गए. सालों बीत जाने के बाद मुखिया का प्रयास रंग लाता दिख रहा है. जिससे महज 15 से 20 फीट में ही जल ग्रामीणों को मिल पा रहा है. तत्कालीन मुखिया दिलीप कुमार रविदास कहते हैं कि जल संरक्षण करना हर एक व्यक्ति की जिम्मेवारी है. 5 वर्ष पूर्व जो काम शुरू किया गया, उसका परिणाम बेहद सकारात्मक साबित हुआ है. गांव में पेयजल की कमी समाप्त हो गई है. तालाब, कुंआ सब का जलस्तर बढ़ा है. यह सिर्फ जल संरक्षण करने से हुआ है. हर एक व्यक्ति को जल संरक्षण के लिए प्रयास करना चाहिए.

सरकारी भवन में किया गया है वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण

दिलीप कुमार रविदास बताते हैं कि जल संरक्षण को लेकर सरकारी भवन, आंगनबाड़ी केंद्र में वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कराया गया. गांव में जितने भी चापाकल हैं, वहां पनसोखा आज भी देखने को मिलेगा. बरसाती पानी को रोकने के लिए भी पंचायत में काम किए गए. 30 जून 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहतर काम के लिए मन की बात कार्यक्रम में उनकी प्रशंसा की. ग्रामीण भी बताते हैं कि जो काम 2019 में किया गया, उसका परिणाम आज देखने को मिल रहा है. जिससे पूरे गांव में पेयजल की समस्या समाप्त हो गई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व जल दिवस के अवसर पर रविवार को संबोधन किया. जिसमें सभी से पानी की हर बूंद के संरक्षण का आह्वान किया है. इसके साथ ही इस बहुमूल्य संसाधन का जिम्मेदारी पूर्वक उपयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने की बात कही है.

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