ब्रेकिंग
Faridkot Politics: अकाली नेता बंटी रोमाणा पर FIR दर्ज; चुनाव नामांकन जांच के दौरान एसडीएम से बहस के ... Ludhiana Crime: लुधियाना में कांग्रेस नेता मनवीर धालीवाल से 11 लाख की ठगी; टेंडर दिलाने के नाम पर मो... Delhi News: दिल्ली में बकरीद पर गाय, बछड़े और ऊंट की कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध; मंत्री कपिल मिश्रा ... Muzaffarpur: थाने में चल रही थी शादी की पंचायत, पिता ने किया इनकार तो ट्रक के आगे कूदा प्रेमी; मची अ... Maharashtra News: महाराष्ट्र में गौ तस्करी करने वालों पर लगेगा 'मकोका'; गृह विभाग ने जारी किए बेहद स... Palamu News: पलामू में एकजुटता की मिसाल! ग्रामीणों ने मिलकर कराई अनाथ बेटी की शादी, पर्यावरणविद ने उ... Hazaribagh BJP Rift: हजारीबाग में सांसद बनाम विधायक; प्रदीप प्रसाद ने मनीष जायसवाल को दी 'धृतराष्ट्र... Ludhiana Theft Case: लुधियाना में चोरों का तांडव; दुगरी रोड पर एक ही रात में दो दुकानों के ताले टूटे... Ludhiana Factory Accident: लुधियाना में बड़ा हादसा; निर्माणाधीन फैक्ट्री में हाई वोल्टेज करंट की चपे... Pathankot Spy Arrest: पठानकोट में देश विरोधी बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश; पाकिस्तान को नेशनल हाईवे की ल...
पंजाब

Jalandhar News: ठेकों के बाहर उमड़ी भारी भीड़, सरेआम उड़ रही नियमों की धज्जियां, प्रशासन बेखबर

जालंधर:  जालंधर में इन दिनों शराब के ठेकों के टूटने के बाद हालात कुछ ऐसे बन गए हैं कि ठेकों के बाहर लोगों का मेला सा लग गया है। शहर के प्रमुख इलाकों मिलाप चौक और ज्योति चौक के पास स्थित ठेकों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। हालात ये हैं कि लोग खुलेआम शराब की पेटियां खरीदकर अपने घरों तक ले जा रहे हैं, मानो किसी मेले या सेल का माहौल हो।

स्थानीय लोगों के अनुसार, ठेके टूटने के बाद शराब सस्ती दरों पर मिलने की खबर तेजी से फैली, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग ठेकों पर पहुंच रहे हैं। कई लोग एक-दो बोतल नहीं, बल्कि पूरी-पूरी पेटियां खरीदते नजर आए। इस दौरान न तो किसी तरह की पाबंदी दिखाई दी और न ही किसी नियम का पालन होता नजर आया।

सबसे हैरानी की बात यह है कि इन ठेकों से महज कुछ दूरी पर पुलिस चौकियां मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद मौके पर पुलिस की मौजूदगी नजर नहीं आई। लोगों का कहना है कि अगर इतने बड़े स्तर पर शराब की खरीद-फरोख्त हो रही है, तो पुलिस और एक्साइज विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वहां निगरानी रखी जाए, लेकिन यहां तो हालात बिल्कुल उलट दिखे। इस घटनाक्रम ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर सरकार शराब की बिक्री को नियमों के तहत नियंत्रित करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के नजारे व्यवस्था की पोल खोलते नजर आ रहे हैं।

Related Articles

Back to top button