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MP Wheat Procurement 2026: मध्य प्रदेश में इस दिन से शुरू होगी गेहूं की खरीदी! नोट कर लें MSP पर फसल बेचने की नई तारीख

भोपाल: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की तारीख में एक बार फिर बदलाव हुआ है. कांग्रेस द्वारा गेहूं खरीद को लेकर लगातार मुद्दा बनाया जा रहा है. उधर, अब राज्य सरकार ने तय किया है कि प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में गेहूं खरीद अब 9 अप्रैल से शुरू की जाएगी. इसके लिए स्लॉट बुकिंग 7 अप्रैल से की जाएगी. मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीदी को लेकर निर्देष दिए हैं.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि, ”पंजीयन कराने वाले सभी किसानों से एमएसपी पर खरीदी की जाएगी और पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी.” मुख्यमंत्री ने निर्देष दिए कि गेहूं खरीदी में सबसे पहले छोटे और इसके बाद मध्यम किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके बाद बड़े किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा.

गेहूं खरीदी के लिए 19 लाख पंजीयन कराए गए
प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए राज्य सरकार चार बार तारीख बदल चुकी है. इसके पहले तय किया गया था कि प्रदेश के चार संभागों में गेहूं की खरीदी 10 अप्रैल से शुरू की जाएगी. समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों से इस साल 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने पंजीयन कराया है. यह संख्या पिछले साल के मुकाबले 4 लाख ज्यादा है. राज्य सरकार ने इस साल समर्थन मूल्य पर 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए 2625 रुपए प्रति क्विंटल का लक्ष्य रखा गया है. इसमें 40 रुपए का बोनस भी शामिल है. गेहूं उपार्जन के बाद किसानों को फसल का दाम सीधे किसानों को खातों में भेजा जाएगा.

कांग्रेस लगातार बना रही मुद्दा
प्रदेश में बारदानों की कमी की वजह से गेहूं उपार्जन की तारीखों में लगातार बदलाव किया जा रहा था. गेहूं उपार्जन के लिए वारदानों की कमी को पूरा करने के लिए केन्द्र सरकार ने 50 हजार जूट की नई गांठ का अतिरिक्त आवंटन किया है. इसके अलावा पीपी बैग्स का उपयोग भी उपार्जन के लिए किया जाएगा. उधर कांग्रेस आरोप लगा रही है कि, राज्य सरकार समय पर बारदानों के लिए टेंडर ही जारी नहीं कर सकी, इस वजह से गेहूं खरीदी में देरी हुई. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने अनाज व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए खरीदी में देरी की है.

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