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CSJMU Gangrape Case: यूनिवर्सिटी की जांच में ‘गैंगरेप’ का आरोप निकला झूठा! 3 छात्रों को क्लीन चिट, जानें कमेटी ने क्या कहा?

कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी में कथित गैंगरेप प्रयास और छेड़छाड़ के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है. यूनिवर्सिटी की ओर से गठित विशेष जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में छात्रा के आरोपों को नकार दिया है. समिति की सिफारिश के बाद प्रशासन ने आरोपित तीनों छात्रों का निलंबन तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया है.

यह मामला 31 मार्च को सामने आया था, जब स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज की एक छात्रा ने अपने ही विभाग के तीन छात्रों पर गंभीर आरोप लगाए थे. छात्रा के पिता ने शिकायत में कहा था कि 16 मार्च को उनकी बेटी को भोजन के बहाने यूनिवर्सिटी परिसर के एक खाली कमरे में बुलाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास और छेड़छाड़ की गई. घटना के बाद छात्रा के मानसिक रूप से प्रभावित होने और डिप्रेशन में जाने की भी बात कही गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तत्काल आरोपी छात्रों को निलंबित कर दिया था और पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी.

कुलपति ने जांच कमेटी का किया था गठन

घटना के बाद यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था. समिति ने जांच के दौरान सभी पक्षों के बयान और अन्य तथ्यों का विश्लेषण किया. रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें सही नहीं पाया गया.

जांच समिति ने यह भी जिक्र किया कि यह मामला किसी आपराधिक साजिश या दुर्भावना से जुड़ा हुआ प्रतीत नहीं होता. रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते इस प्रकार के आरोप सामने आए. समिति ने इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए छात्रा के उपचार और देखभाल पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है.

तीनों छात्रों का निलंबन वापस लिया गया

यूनिवर्सिटी के कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा ने समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि तीनों छात्रों का शैक्षणिक निलंबन तुरंत समाप्त किया जाए. साथ ही प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह छात्रा के भविष्य और स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशील है और उसके इलाज के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

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