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उत्तरप्रदेश

Saharanpur News: रिश्वत लेते राज्य कर अधिकारी गिरफ्तार; पहले लिए 3 लाख, फिर मांग रहा था मंथली

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत सहारनपुर में सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है. मेरठ सेक्टर की ट्रैप टीम ने सोमवार को राज्य कर विभाग में तैनात एक अधिकारी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की पहचान सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो सीटीओ कार्यालय में सहायक आयुक्त, सचल दल द्वितीय इकाई, दिल्ली रोड सहारनपुर में तैनात था. टीम ने उसे उसके आवास से ही दबोच लिया, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया.

मामला एक व्यापारी की शिकायत से जुड़ा है, जो सहारनपुर से रुड़की (उत्तराखंड) तक माल सप्लाई करता है. शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी अधिकारी सीमा पर तैनाती के दौरान व्यवसायिक वाहनों की चेकिंग करता था और जानबूझकर बिलों में कमी निकालकर व्यापारियों को परेशान करता था. इसी के जरिए वह अवैध वसूली का दबाव बनाता था.

शिकायत में बताया गया कि 28 मार्च 2026 को जब व्यापारी जगाधरी से स्क्रैप लेकर रुड़की जा रहा था, तब सहारनपुर बाईपास पर लोटे के पुल के पास आरोपी ने वाहन को रोक लिया. जांच के दौरान बिलों में आपत्ति लगाकर गाड़ी को माल सहित राज्य कर कार्यालय में खड़ा करवा दिया गया और करीब तीन लाख रुपये का जुर्माना जमा करने का दबाव बनाया गया.

व्यापारी ने की थी शिकायत

इसके बाद दो अप्रैल 2026 को जब व्यापारी तीन लाख रुपये लेकर कार्यालय पहुंचा, तो आरोपी ने नया खेल शुरू किया. उसने एक लाख 95 हजार 19 रुपये सरकारी खाते में ऑनलाइन जमा कराने और एक लाख पांच हजार रुपये नकद देने की शर्त रखी. शिकायतकर्ता ने अलग-अलग खातों से क्यूआर कोड स्कैन कर सरकारी खाते में रकम ट्रांसफर कर दी, लेकिन नकद दी गई राशि का कोई रिकॉर्ड या रसीद नहीं दी गई. इसके बाद ही वाहन को छोड़ा गया.

मेरठ टीम ने किया अरेस्ट

इतना ही नहीं, चार अप्रैल को एक अन्य माल के ई-वे बिल पर भी आरोपी ने एक लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर दी. आरोप है कि उसने ड्राइवर के माध्यम से यह संदेश भी भिजवाया कि यदि भविष्य में कारोबार सुचारू रूप से चलाना है तो हर महीने एक लाख रुपये रिश्वत देनी होगी. लगातार बढ़ती अवैध मांग और उत्पीड़न से परेशान व्यापारी ने आखिरकार उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर मेरठ सेक्टर की ट्रैप टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया. योजना के तहत शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ आरोपी के संपर्क में भेजा गया. जैसे ही आरोपी ने अपने आवास पर एक लाख रुपये की रिश्वत ली, टीम ने मौके पर ही दबिश देकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तारी के बाद केस दर्ज

गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है. सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.

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