ब्रेकिंग
Maharashtra Rain Havoc: महाराष्ट्र में बारिश बनी काल, लापरवाही के चलते 9 लोगों की दर्दनाक मौत; जानें... How to Get Glass Hair: कोरियन हेयर केयर रूटीन से पाएं स्मूथ, शाइनी और हेल्दी बाल; जानें आसान तरीका Women's T20 World Cup 2026 Final: ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड के बीच खिताबी जंग, जानें विजेता टीम को म... Bollywood News: अक्षय कुमार की कमाई का नया जरिया, मुंबई में करोड़ों की प्रॉपर्टी बेचकर कमाए भारी मुना... Mental Health Crisis: युद्ध के मैदान से लौटे सैनिकों में PTSD का खतरा, इजराइल में 1 लाख तक पहुंच सकत... Crude Oil Prices: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का पेट्रोल-डीजल पर असर, सरकार ने साफ की स्थिति WhatsApp, Telegram & Signal News: यूजरनेम फीचर पर बढ़ी सरकार की सख्ती, फ्रॉड के डर से मांगा जवाब Budh Margi 2026: 25 जुलाई को बुध अपनी ही राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सावधा... Benefits of Oats: ओट्स खाने के जबरदस्त फायदे, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर नाश्ते के लिए अपनाएं ये तरीक... Etah Road Accident: एटा में भीषण सड़क हादसा, सड़क किनारे खड़ी बस को कंटेनर ने मारी टक्कर; 5 की मौत, ...
मध्यप्रदेशहिमाचल प्रदेश

MP Pulse Production: मध्य प्रदेश बनेगा दालों का हब; मोहन यादव सरकार ने बनाया दलहन उत्पादन का मेगा प्लान

भोपाल: चना, मसूर के अलावा तुअर और उड़द की दालों में देश में नंबर एक स्थान पर पहुंचने के लिए मध्य प्रदेश में अगले 5 सालों की रणनीति तैयार की गई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए आत्मनिर्भर मिशन की मंजूरी दी गई है. प्रदेश सरकार इस मिशन पर अगले 5 सालों में 2442 करोड़ की राशि खर्च करेगी. इसके तहत दलहल के बीजों की गुणवत्ता में सुधार, बीजों के प्रमाणिकरण से लेकर किसानों की ट्रेनिंग तक कराई जाएगी. उधर कैबिनेट की बैठक में भोपाल में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर की मंजूरी दी गई है.

भारत दुनिया का सबसे बड़ा दलहन उत्पादक देश होने के बाद भी देश में करीबन 60 फीसदी दलहन का आयात करना पड़ रहा है. इसको देखते हुए देश में दलहन के मामले में आत्मनिर्भर बनने के प्रयास जारी हैं. इसी के तहत मध्य प्रदेश में आत्मनिर्भर मिशन के तहत दलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने अगले 5 साल की रणनीति तैयार की है. कैबिनेट की बैठक में इसके लिए 2442 करोड़ की राशि स्वीकृति की मंजूरी दे दी है.

इस मिशन के तहत राज्य सरकार कई स्तरों पर काम करेगी. इसमें किसानों को बेहतर क्वालिटी का दलहन का बीज उपलब्ध कराने के लिए बीजों की गुणवत्ता का काम किया जाएगा. बीज का प्रमाणिकरण, ग्रेडिंग उसकी मार्किंग की जाएगी. इसके साथ ही किसानों को दलहन को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

व्यापारी कल्याण बोर्ड का होगा गठन

कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में निर्यात को बढ़ाने के लिए प्रदेश में जिला स्तर पर व्यापार कल्याण बोर्ड गठिन करने का निर्णय लिया है. मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि “व्यापार और व्यापार से संबंधी कल्याण कार्य के तहत राष्टीय स्तर पर राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है. इसकी तर्ज पर मध्य प्रदेश में राज्यस्तरीय कल्याण बोर्ड बनाने का निर्णय लिया गया है. इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री रहेंगे. इसमें एमएसएमई मंत्री सदस्य रहेंगे.

इसके अलावा व्यापार से जुडे़ विभिन्न संगठन जैसे फिक्की, लघु उद्योग भारती और दूसरे संगठन भी इसमें सदस्य रहेंगे. जिला स्तर पर भी इसकी समितियां बनाई जाएंगी. यह संगठन निर्यात को बढ़ावा देने का काम करेंगे, ताकि छोटे व्यापारी भी निर्यात के लिए आगे आ सकें. नियमों के सरकारीकरण के लिए समितियां सुझाव देंगे.

भोपाल में बनेगा मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

कैबिनेट की बैठक में इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर के लिए 1295 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. यह क्लस्टर भोपाल के पास केन्द्र और राज्य सरकार के सहयोग से बन रहा है. यह 200 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में तैयार हो रहा है. इसमें सेमिकंडक्टर से जुड़े सभी काम होंगे. इसकी नीति को 5 साल के लिए 1295 करोड़ की स्वीकृति दी गई है.

कैबिनेट की बैठक में 38 हजार 555 करोड़ की योजनाओं से जुड़े कामों को निरंतरता दी गई है. चार लोक निर्माण विभाग की चार और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं शामिल हैं.

कैबिनेट में मंत्रियों को परोसी गई झालमुड़ी

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्रियों को झालमुड़ी परोसी गई. एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि “चुनाव के अंदर इस स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय उत्पाद का स्थान प्राप्त हुआ है. कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्रियों ने झालमुड़ी खाई. झालमुड़ी मध्य प्रदेश का भी मुख्य खाद्य पदार्थ है. रतलाम में सेव परमल खाते हैं, इसी तरह महाराष्ट्र में भेलपुरी और बंगाल में यही झालमुड़ी है.

गोडाउन में गेहूं रखवाने के निर्देश

मंत्री चैतन्य कश्यप में कहा कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन का काम तेजी से चल रहा है. अभी तक 41 लाख मेट्रिक टन का उपार्जन किया जा चुका है और इसका 6520 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है. 14 लाख 70 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था, इसमें से 7 लाख से ज्यादा किसानों के गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है. बड़े किसानों का गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है. सभी जिलों को उपार्जन के साथ गोडाउन में गेहूं रखवाने की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के पहले खरीदा गया गेहूं गोडाउन में पहुंच जाए.

Related Articles

Back to top button