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NEET Paper Leak Update: गुरुग्राम के डॉक्टर से 30 लाख में खरीदा नीट का पेपर, जयपुर के परिवार का बड़ा खुलासा

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार (12 मई) को नीट (UG) 2026 परीक्षा रद्द कर दी है. पेपर लीक होने के आरोपों के चलते ये फैसला लिया गया है. वहीं अब इस मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है. इसके तार महाराष्ट्र से लेकर हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों से जुड़ते नजर आ रहे हैं. केंद्र सरकार ने इसकी जांच CBI को सौंपी है. इस बीच खुलासा हुआ है किजयपुर के जिन दो भाईयों ने गुरुग्राम के डॉक्टर से 30 लाख में पेपर खरीदे थे , उनके परिवार से पिछले साल 4 बच्चों पास हुए थे.

मामले की जांच के दौरान कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. इसमें गुरुग्राम के एक डॉक्टर का नाम भी सामने आ रहा है. आरोप है कि गुरुग्राम के एक डॉक्टर से 30 लाख रुपए में पेपर खरीदा गया और बाद में सीकर समेत कई जगह छात्रों तक पहुंचाया गया. देहरादून से गिरफ्तार आरोपी राकेश मंडवारिया पर 700 छात्रों तक पेपर पहुंचाने का आरोप है.

गुरुग्राम के एक डॉक्टर का नाम आया सामने

जांच में पता चला है कि गुरुग्राम के एक डॉक्टर से जमवारामगढ़ निवासी दो भाई मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल ने 26 और 27 अप्रैल को करीब 30 लाख रुपए में कथित तौर पर NEET का पेपर खरीदा था. इसके बाद दिनेश बिवाल ने यह पेपर अपने बेटे को दिया, जो सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था. जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके बाद 29 अप्रैल को यही पेपर कई अन्य छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया गया.इसके साथ गी जांच में यह भी सामने आया है कि दिनेश बिवाल के परिवार के चार बच्चों का पिछले साल NEET में चयन हुआ था.

पहले डिजिटल फिर प्रिंट निकालकर बेचे गए पेपर

बताया जा रहा है कि पेपर पहले डिजिटल माध्यम से भेजा गया और बाद में उसका प्रिंट निकालकर भी बेचा गया. जांच एजेंसियां अब उन छात्रों और अभिभावकों की पहचान करने में जुटी हैं जिन्होंने कथित तौर पर पैसे देकर पेपर हासिल किया था. जांच में व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए पेपर फैलाने की बात भी सामने आई है. जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला हुआ था और परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे जा रहे थे. मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां पेपर लीक के पूरे सिंडिकेट को खंगालने में जुटी हैं.

नासिक के बाद अब पुणे और लातूर से कनेक्शन

इस बीच महाराष्ट्र के नासिक के बाद अब पुणे से पेपर लीक का कनेक्शन सामने आया है. बताया जा रहा है कि इस मामले का एक संदिग्ध आरोपी पुणे का रहने वाला है, जिसकी तलाश की जा रही है. संदिग्ध का नाम तब सामने आया जब नासिक से गिरफ्तार शुभम खैरनार से पुलिस ने पूछताछ की.

इसके साथ ही लातूर जिले से भी इस पेपर लीक मामले का कनेक्शन निकल कर आ रहा है. बताया जा रहा है कि पेपर लीक होने के बाद इसका एक सेट नासिक से लातूर भी भेजा गया था. लातूर को राज्य का कॉम्पिटिशन एग्जाम का हब माना जाता है. ऐसे में माना जा रहा है कि यहां छात्रों पेपर बेचे गए थे.

आरोपी शुभम मंगलवार को हुआ गिरफ्तार

इधर CBI की टीम आधी रात को आरोपी शुभम को लेकर नासिक से मुंबई के लिए रवाना हुई. नासिक जिले के नंदगांव निवासी 30 साल के शुभम खैरनार को मंगलवार को नासिक पुलिस ने कथित NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले के संबंध में कल देर शाम हिरासत में लिया था. इसके बाद CBI ने देर रात तक उससे पूछताछ की गई जिसमें पुणे से एक शख्स का नाम सामने आया है. आज उसे सुबह 11 बजे शुभम तो CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा.

शुभम ने 10 लाख रुपए खरीदा था पेपर

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पाया कि आरोपी शुभम खैरनार ने 10 लाख रुपए देकर NEET प्रश्नपत्र खरीदे और बाद में उन्हें अलग-अलग राज्यों के 10 लोगों को 15 लाख रुपए प्रति सेट के हिसाब से बेच दिया. नासिक पुलिस के अनुसार, आरोपी, जिसके पास आयुर्वेद चिकित्सा एवं सर्जरी में स्नातक की डिग्री है, नासिक जिले के नंदगांव क्षेत्र का निवासी है और कुछ दोस्तों के साथ मिलकर नासिक में एक मेडिकल प्रवेश परामर्श केंद्र चलाता है.

कई राज्यों से जुड़े तार

पुलिस ने आगे बताया कि पेपर लीक का यह नेटवर्क राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक तक फैला हुआ है. पुलिस ने बताया कि राजस्थान पुलिस ने उन्हें आरोपी के बारे में जानकारी दी थी और सोशल मीडिया से भी अतिरिक्त संदर्भ प्राप्त किए गए. पुलिस ने आगे बताया कि वो इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या आरोपी एजेंटों के किसी नेटवर्क में काम कर रहा था.

शुभम के पास अहम जानकारी

इधर राजस्थान पुलिस अपने विशेष अभियान समूह (एसओजी) के माध्यम से कथित डेटा लीक की जांच कर रही है. पुलिस का मानना ​​है कि शुभम के पास इस बारे में अहम जानकारी हो सकती है कि 3 मई की परीक्षा से पहले लीक हुआ NEET पेपर कथित तौर पर कई राज्यों के नेटवर्क के ज़रिए कैसे फैला. जांच से जुड़े सूत्रों का संदेह है कि पेपर सबसे पहले नासिक के एक कोचिंग संस्थान से जुड़े संपर्कों के ज़रिए सामने आया और फिर कई राज्यों में प्रसारित हुआ.

एसओजी अधिकारियों का दावा है कि यह नेटवर्क जयपुर, सीकर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, देहरादून और यहां तक ​​कि केरल तक फैला हुआ था. राजस्थान एसओजी प्रमुख अजय पाल लांबा ने बताया कि हरियाणा के एक व्यक्ति ने कथित तौर पर नासिक स्थित अपने एक संपर्क से यह पेपर हासिल किया था, जिससे यह संदेह और पुख्ता हो गया है कि महाराष्ट्र इस लीक मामले में अहम केंद्रों से एक हो सकता है.

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