ब्रेकिंग
Parliament Question Hour Analysis: संसद के लाखों सवालों में आम जनता के मुद्दे कहां? जानिए गरीबी और ज... Maharashtra Voter List SIR 2026: वोटर लिस्ट से नाम हटाने से पहले BLA को देनी होगी सूची, चुनाव आयोग क... RSS Chief Mohan Bhagwat: अतिवाद से परेशान है दुनिया, भारत के पास है ज्ञान का खजाना; अखिल भारतीय विहा... Tamil Nadu Language Dispute: सथानकुलम में दिशा-निर्देश बोर्ड से मिटाए गए हिंदी शब्द, भारी विरोध के ब... Ozone Urbana Scam: बेंगलुरु में होम बायर्स से 927 करोड़ की ठगी, ओजोन ग्रुप के CMD एस. वासुदेवन गिरफ्... Manori Beach News: स्पीडबोट से विदेशी जहाज में चोरी करने घुसे थे बदमाश, गैस रिसाव से 4 की मौत; हेलीक... यूपी की 11 MLC सीटों पर भाजपा का चुनावी चक्रव्यूह: 23 अक्टूबर को मतदान, सामाजिक समीकरणों पर जोर Ramnagar Road Accident: नैनीताल घूमने निकले नेशनल बास्केटबॉल प्लेयर यतीश यादव की सड़क हादसे में मौत,... दिल्ली के 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा: उपराज्यपाल के निर्देश पर DDA ने 3 श्रेणियों में बांटे पा... वृंदावन आश्रम पर गहराया विवाद: शिष्य की संदिग्ध मौत के बीच हाथरस का युवक 3 महीने से लापता
विदेश

Russia Sarmat Missile Test: रूस ने किया महाविनाशक ‘सरमत’ मिसाइल का परीक्षण, पुतिन बोले- 35000 किमी तक बढ़ सकती है रेंज

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे पूरी दुनिया के मिसाइल ताकत संतुलन को खतरा हो सकता है. रूस ने हाल ही में परमाणु क्षमता वाली नई ‘सरमत’ मिसाइल का सफल परीक्षण कर लिया है और इस साल के आखिर तक इसे युद्धक ड्यूटी पर तैनात करने की योजना है. पुतिन का कहना है कि इस मिसाइल की मारक क्षमता 35 हजार किलोमीटर से भी ज्यादा हो सकती है. अगर ऐसा है तो ये दुनिया की सबसे ज्यादा रेंज वाली मिसाइल बन जाएगी. हालांकि इसके अभी की रेंज 18 हजार किलोमीटर बताई गई है, जो सबसे अभी तक की सबसे ज्यादा.

व्लादिमीर पुतिन ने बताया कि सरमत मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण के बाद पोसाइडन और बुरवेस्टनिक सिस्टम पर काम अपने अंतिम चरण में है. राष्ट्रपति ने ओरेश्निक को परमाणु हथियारों (न्यूक्लियर वॉरहेड्स) से लैस करने की संभावना का ज़िक्र किया. बता दें, ABM संधि से अमेरिका के हटने के बाद, रूस को अपनी रणनीतिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है.

क्यों खास है रूस की सरमत मिसाइल?

स्ट्रेटेजिक मिसाइल फोर्सेज के कमांडर काराकायेव की रिपोर्ट के मुताबिक सरमत के सफल लॉन्च के बाद इस साल के आखिर तक इसकी पहली रेजिमेंट को तैनात किया जा सकेगा. सरमत सिस्टम अपनी पिछली मिसाइल प्रणाली, वोयेवोडा मिसाइल सिस्टम से कई अहम मामलों में बेहतर है. इनमें मारक क्षमता, थ्रो-वेट और मिसाइल डिफेंस को भेदने की क्षमता शामिल है.

बढ़ा-चढ़ाकर कर रहे दावें- विश्लेषक

पश्चिमी सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि पुतिन ने रूस की नई पीढ़ी के कुछ परमाणु हथियारों की क्षमताओं के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर दावे किए हैं. यह उस आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसकी घोषणा उन्होंने सबसे पहले 2018 में की थी. सरमत को अतीत में असफलताओं का सामना करना पड़ा है. पश्चिमी विशेषज्ञों के मुताबिक सितंबर 2024 में हुए एक परीक्षण के दौरान लॉन्च साइलो में एक गहरा गड्ढा बन गया था.

Related Articles

Back to top button