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Haryana News: हरियाणा में डेंगू टेस्ट और प्लेटलेट्स के रेट फिक्स, मनमानी फीस वसूलने वाले प्राइवेट अस्पतालों पर गिरेगी गाज

चंडीगढ़: प्रदेश सरकार ने डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) जैसी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए सख्त नियम लागू न कर दिए हैं। विभाग के मुताबिक डेंगू टेस्ट और प्लेटलेट्स की फीस तय कर अधिसूचना के अनुसार एलिसा आधारित डेंगू टेस्ट व आईजीएम विधि के डेंगू टेस्ट के लिए कोई भी निजी क्लीनिक 600 रुपये से अधिक शुल्क नहीं वसूल सकेगा। जरूरत पड़ने पर सिंगल डोनर प्लेटलेट्स के लिए निजी अस्पताल अधिकतम 11 हजार रुपये ही वसूल सकेंगे। इससे ज्यादा वसूलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना भी लगेगा। अब सरकारी और निजी अस्पतालों, क्लीनिकों व लैब को इन बीमारियों के मामलों की सूचना 24 घंटे के भीतर संबंधित सिविल सर्जन को देना अनिवार्य होगा।

सरकार ने यह कदम राज्य में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए उठाया है। इसके अलावा निरीक्षण अधिकारी किसी भी परिसर में जाकर जांच, फॉगिंग, एंटी लार्वा कार्रवाई और बुखार सर्वे कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर खून के नमूने भी लिए जा सकेंगे। सरकार ने यह भी तय किया है कि यदि किसी निजी लैब में एलिसा जांच की सुविधा नहीं है तो मरीज का सैंपल सरकारी डेंगू टेस्टिंग लैब या सरकारी अस्पताल भेजना होगा। बिना पुष्टि किए किसी मरीज को डेंगू पॉजिटिव घोषित नहीं किया जा सकेगा।

सरकार ने चार प्रकार की लापरवाही को सह दंडनीय माना है। इनमें राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के प्रोटोकॉल का पालन न करना, पुष्टि किए गए मामलों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को न देना, बिना कंफर्म टेस्ट के मरीज को पॉजिटिव घोषित करना व मरीज का गलत या अधूरा पता और फोन नंबर दर्ज करना शामिल है। नियमों के उल्लंघन पर पहली बार 1000 रुपये, दूसरी बार 5000 रुपये और तीसरी या इसके बाद 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। लगातार नियम तोड़ने पर महामारी रोग अधिनियम, 1897 की धारा-3 के तहत आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।

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