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मध्यप्रदेश

Indore-Ujjain Medical Corridor: इंदौर-उज्जैन के बीच बनेगा देश का बड़ा मेडिकल टूरिज्म कॉरिडोर, 2000 करोड़ का निवेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशभर में पांच विशेष रीजनल मेडिकल हब विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना अब मध्यप्रदेश में तेजी से आकार लेने जा रही है। इसके तहत इंदौर और उज्जैन के बीच एक बड़े मेडिकल टूरिज्म कॉरिडोर को विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शुरुआती चरण में इस परियोजना पर करीब 2000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जो क्षेत्र की आर्थिक और स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

🌟 आधुनिक स्वास्थ्य और अध्यात्म का संगम: क्यों खास हैं इंदौर और उज्जैन?

इंदौर और उज्जैन को इस कॉरिडोर के लिए उनकी अद्वितीय पहचान के कारण चुना गया है। इंदौर में रोबोटिक सर्जरी, अंग प्रत्यारोपण और एयर एंबुलेंस जैसी अत्याधुनिक सेवाएं उपलब्ध हैं। वहीं, उज्जैन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के कारण वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र है। विशेषज्ञों के साथ चर्चा के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसका उद्देश्य देश-विदेश के मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा और शांतिपूर्ण वातावरण एक साथ उपलब्ध कराना है।

📑 डिजिटल पोर्टल और स्टैंडर्ड केयर: मरीजों को मिलेंगी केंद्रीकृत सुविधाएं

यह परियोजना केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगी। इसके तहत अस्पतालों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे इलाज और उनके पैकेजों की एक विस्तृत सूची वाला केंद्रीकृत डिजिटल पोर्टल बनाया जाएगा। सभी सेवाओं के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तय किए जाएंगे ताकि इलाज की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

🌿 पारंपरिक उपचार पर फोकस: योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी का समावेश

कॉरिडोर में आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ योग, आयुर्वेद, ध्यान और नेचुरोपैथी जैसी पारंपरिक पद्धतियों को भी शामिल किया जाएगा। मरीजों की रिकवरी को बेहतर बनाने के लिए प्राकृतिक और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों पर विशेष फोकस रहेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट को ‘क्वालिटी ऑफ केयर’ और विश्वसनीयता के वैश्विक मानकों के आधार पर विकसित करने की योजना बनाई गई है ताकि विदेशी सैलानियों को आकर्षित किया जा सके।

🧘 गुलावट से महाकाल तक वैलनेस सेंटर: ‘ओंकार सर्किट’ की नई अवधारणा

इस कॉरिडोर को ‘ओंकार सर्किट’ की अवधारणा के तहत विकसित किया जाएगा। गुलावट लोटस वैली (Gulawat Lotus Valley) से लेकर उज्जैन तक अत्याधुनिक वैलनेस सेंटर बनाए जाएंगे। इन सेंटरों में प्राकृतिक वातावरण के बीच योग और ध्यान की सुविधाएं मिलेंगी। इससे मेडिकल टूरिज्म के साथ-साथ वेलनेस और स्पिरिचुअल टूरिज्म को भी नई पहचान मिलेगी, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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