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पंजाब

Jalandhar Powercom Action: जालंधर में बिजली बोर्ड का बड़ा एक्शन, नगर निगम की अवैध स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काटने शुरू

जालंधर: पंजाब के जालंधर शहर के एम.एस. फार्म रोड स्थित कमल विहार कॉलोनी और उसके आसपास के रिहायशी इलाकों से एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। यहाँ बिजली बोर्ड (पावरकॉम) ने नगर निगम द्वारा चलाई जा रही अवैध स्ट्रीट लाइटों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए उनके कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं। इस अचानक हुई कार्रवाई से नगर निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि बिना किसी आधिकारिक मंजूरी और बिना मीटर के सीधे लाइनों से बिजली खींची जा रही थी, जिस पर बिजली बोर्ड ने अब कड़ा संज्ञान लिया है।

💡 भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट: इंफ्रास्ट्रक्चर और मीटर पर नहीं हुआ खर्च, कुंडी कनेक्शन के भरोसे रहा सिस्टम

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ साल पहले नगर निगम ने स्मार्ट सिटी कंपनी के माध्यम से पूरे जालंधर शहर में आधुनिक एल.ई.डी. (LED) स्ट्रीट लाइट सिस्टम लगवाया था। इस महत्वकांक्षी योजना के तहत शहर भर में लगभग 73 हजार लाइट प्वाइंट्स स्थापित किए गए थे। लेकिन योजना में भारी लापरवाही बरती गई; तारों, मीटरों और अन्य जरूरी तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर उचित खर्च नहीं किया गया, जिससे यह पूरा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट कथित तौर पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।

🔌 बिना मीटर के चल रही थीं 73 हजार लाइटें: बिजली बोर्ड पर बढ़ा लोड, धार्मिक कार्यक्रमों की आड़ में भी हो रही थी बिजली चोरी

हैरानी की बात यह है कि पिछले डेढ़ से दो सालों में, नगर निगम के अधिकारियों ने पार्षदों के दबाव में जगह-जगह नई स्ट्रीट लाइटें लगाने पर जोर तो दिया, लेकिन बुनियादी सिस्टम में कोई सुधार नहीं किया। न तो बिजली बोर्ड से वैध कमर्शियल कनेक्शन के लिए कोई नया आवेदन किया गया और न ही इन खंभों पर मीटर लगवाए गए। नतीजतन, आज भी अधिकांश स्ट्रीट लाइटें अवैध कुंडी कनेक्शन के जरिए सीधे मेन लाइन से चल रही हैं, जिससे सारा वित्तीय और तकनीकी लोड बिजली बोर्ड पर आ गया है। इसके चलते बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है, क्योंकि कई इलाकों में अधिकतर स्थानीय व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी सीधे इसी अवैध लाइट कनेक्शन से कटिया मारकर किया जाता है।

⚡ सरकारी विभागों में भी अब अनिवार्य होंगे प्रीपेड मीटर: बात न मानने पर बिजली बोर्ड ने दी कनेक्शन काटने की सख्त चेतावनी

अवैध बिजली खपत और राजस्व घाटे को देखते हुए अब बिजली बोर्ड ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। पावरकॉम के आला अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि पंजाब सरकार की नई नीति के तहत अब सभी सरकारी विभागों में अनिवार्य रूप से प्रीपेड मीटर (Prepaid Meters) लगाए जा रहे हैं। इसी नीति के तहत अब नगर निगम के इस पूरे स्ट्रीट लाइट सिस्टम को भी प्रीपेड श्रेणी में लाया जाएगा, यानी निगम को पहले पैसे जमा करने होंगे, तभी लाइटें जलेंगी। बिजली बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम ने इस प्रीपेड नीति को जल्द स्वीकार नहीं किया और अपने कनेक्शन वैध नहीं कराए, तो आने वाले दिनों में शहर की बत्ती गुल करने और कनेक्शन काटने का यह सिलसिला और तेज कर दिया जाएगा।

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