CG Dial-112 Next Gen: बलौदाबाजार में ‘नेक्स्ट जेन डायल-112’ शुरू; मंत्री टंकराम वर्मा ने हाईटेक गाड़ियों को दिखाई हरी झंडी

बलौदाबाजार: जिले में कानून व्यवस्था, नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन सहायता प्रणाली को पहले से कहीं ज्यादा तेज, पारदर्शी और हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस बेड़े में आधुनिक तकनीक से लैस “नेक्स्ट जेन CG Dial-112” सेवा की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस नई योजना के तहत जिले को 12 अत्याधुनिक डायल-112 वाहन (इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल), 2 विशेष हाईवे पेट्रोलिंग वाहन और 1 अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन सौंपी गई है। नई और उन्नत तकनीकों से लैस इन वाहनों के जरिए अब जिला मुख्यालय या शहरों में ही नहीं, बल्कि जिले के सुदूर, ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों तक भी संकट के समय पुलिस सहायता बेहद तेजी से पहुंच सकेगी।
🛞 रक्षित केंद्र से रवाना की गई हाईटेक पुलिस सेवा: कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा और कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने दिखाई हरी झंडी
रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन्स) बलौदाबाजार में आयोजित एक गरिमामय और भव्य कार्यक्रम में इन सभी आधुनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न थाना क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, जिला कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक (SP) ओ.पी. शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने इस शुरुआत को जिले की कानून व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर बताया।
🛠️ जानिए क्या है “नेक्स्ट जेन CG Dial-112” और इसके हाईटेक फीचर्स: पीटीजेड कैमरा, डैश कैम और जीपीएस से लैस हैं वाहन
यह सिर्फ एक सामान्य पुलिस जीप या वाहन सेवा नहीं है, बल्कि आधुनिक डिजिटल तकनीक से लैस एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम (Integrated Emergency Response System) है। इन वाहनों में कई ऐसी हाईटेक सुविधाएं और गैजेट्स दिए गए हैं, जिनकी मदद से जिला मुख्यालय पर बना सेंट्रल कंट्रोल रूम सीधे घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग कर सकेगा। इन गाड़ियों में निम्नलिखित अत्याधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं:
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📱 स्मार्टफोन आधारित कम्युनिकेशन सिस्टम: त्वरित संदेश और डेटा ट्रांसफर के लिए।
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📍 जीपीएस ट्रैकिंग (GPS Tracking): जिससे कंट्रोल रूम को हर गाड़ी की लाइव लोकेशन पता रहेगी।
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📻 वायरलेस रेडियो: निर्बाध संचार व्यवस्था बनाए रखने के लिए।
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📹 पीटीजेड कैमरा (PTZ Camera) और डैश कैम: गाड़ी के आसपास और सड़क की लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए।
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💾 मोबाइल एनवीआर (NVR): रिकॉर्डेड वीडियो डेटा को सुरक्षित रखने के लिए।
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☀️ सोलर बैकअप सिस्टम: ताकि बिजली या बैटरी डाउन होने पर भी गाड़ियां और उनके उपकरण चौबीसों घंटे काम कर सकें।
⏱️ गिधौरी, गिधपुरी और राजादेवरी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ: अब मिनटों में घटना स्थल पर पहुंचेगी मदद
अब तक भौगोलिक विषमताओं के कारण ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में किसी अपराध या हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस सहायता पहुंचने में काफी समय लग जाता था, लेकिन इस नई व्यवस्था से रिस्पॉन्स टाइम में भारी कमी आएगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि डायल-112 सेवा के मजबूत होने से आम लोगों को संकट के समय तत्काल सहायता मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि अब कंट्रोल रूम में कॉल मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर पुलिस मौके पर पहुंचेगी। खासकर गिधौरी, गिधपुरी और राजादेवरी जैसे वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरों जैसी त्वरित सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध होगी।
📋 जिले के इन 12 थानों को मिलीं अत्याधुनिक गाड़ियां: दुर्घटनाओं और संदिग्ध गतिविधियों पर रखी जाएगी पैनी नजर
जिले की पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए जिन प्रमुख थानों और चौकियों को ये हाईटेक गाड़ियां आवंटित की गई हैं, उनकी सूची इस प्रकार है:
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गिधौरी | 2. कसडोल | 3. सिमगा | 4. गिधपुरी | 5. पलारी | 6. सिटी कोतवाली (बलौदाबाजार) | 7. सुहेला | 8. भाटापारा शहर | 9. भाटापारा ग्रामीण | 10. राजादेवरी | 11. हथबंद | 12. लवन। इस नई सुविधा से मिलने वाले मुख्य फायदे:
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सड़क दुर्घटनाओं की सूचना पर तुरंत मेडिकल और पुलिस रिस्पॉन्स मिलेगा।
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हादसों में घायल लोगों को गोल्डन ऑवर (सही समय पर) अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा।
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हाईवे पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और लूटपाट जैसी घटनाओं पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी।
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शहरों और कस्बों में ट्रैफिक नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखना आसान होगा।
🔬 मोबाइल फॉरेंसिक वैन से जांच प्रणाली में आएगा बड़ा बदलाव: मौके पर ही सुरक्षित किए जा सकेंगे महत्वपूर्ण साक्ष्य
जिले के पुलिस बेड़े में शामिल हुई नई ‘मोबाइल फॉरेंसिक वैन’ (Mobile Forensic Van) बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की आपराधिक जांच प्रणाली (Criminal Investigation) के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगी। अब किसी भी गंभीर अपराध, मर्डर, डकैती या संदिग्ध घटना के तुरंत बाद शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य (फिंगरप्रिंट, डीएनए सैंपल आदि) जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम इस वैन के साथ सीधे मौके पर ही जांच कर सकेगी। इससे साक्ष्य के नष्ट होने या प्रभावित होने का खतरा पूरी तरह टल जाएगा, जांच की गुणवत्ता बेहतर होगी और पुलिस को असली अपराधियों तक तेजी से पहुंचने में आसानी होगी।
📱 वॉयस कॉल, व्हाट्सएप और चैटबॉट समेत मिलेंगी कई मल्टी-प्लेटफॉर्म सुविधाएं: 24×7 एक्टिव रहेगा आपातकालीन नंबर
नई डायल-112 सेवा को आज की डिजिटल जनरेशन के अनुसार मल्टी-प्लेटफॉर्म सपोर्ट से जोड़ा गया है। अब संकट में फंसे नागरिक केवल पारंपरिक फोन कॉल ही नहीं, बल्कि कई अन्य माध्यमों से भी 24 घंटे सातों दिन मदद मांग सकते हैं। इसके तहत निम्नलिखित डिजिटल चैनल्स को एक्टिव किया गया है:
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📞 वॉयस कॉल और टेक्स्ट एसएमएस (SMS)
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📧 आधिकारिक ईमेल और वेब पोर्टल
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💬 व्हाट्सएप (WhatsApp) संदेश और ऑटोमैटिक चैटबॉट
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🚨 SOS – 112 इंडिया मोबाइल ऐप (Panic Button)
👮 पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा की नागरिकों से विशेष अपील: संकट के समय बिना डरे तुरंत डायल करें 112
बलौदाबाजार-भाटापारा के पुलिस अधीक्षक (SP) ओ.पी. शर्मा ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी आपातकालीन या असुरक्षा की स्थिति में तुरंत बिना किसी झिझक के 112 नंबर डायल करें। उन्होंने कहा कि चाहे सड़क दुर्घटना हो, कोई अपराध हो, घरेलू हिंसा (Domestic Violence) हो, आगजनी की घटना हो या फिर अन्य कोई भी मानवीय संकट, पुलिस प्रशासन हर समय तत्काल सहायता के लिए आपके द्वार पर उपलब्ध रहेगा। एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि यह पहल जिले में ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ (Smart Policing) की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार का एक बहुत बड़ा और सराहनीय कदम साबित होगी, जिससे पुलिस और आम जनता के बीच आपसी विश्वास और अधिक मजबूत होगा।






