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Yamunanagar Court Decision: यमुनानगर में 3 साल की बेटी की हत्यारी मां को उम्रकैद; जज डॉ. सुखदा प्रीतम का बड़ा फैसला

यमुनानगर: अपनी ही कोख से जन्मी महज तीन साल की मासूम बेटी दिवजोत कौर की बेरहमी से हत्या करने वाली कलयुगी मां को कानून ने उसके किए की सबसे सख्त सजा सुना दी है। यमुनानगर के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (Additional Sessions Judge) डॉ. सुखदा प्रीतम की माननीय अदालत ने आरोपी मां मनिंदर कौर उर्फ सिम्मी को अपनी बेटी की हत्या का मुख्य दोषी करार देते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करते हुए दोषी महिला पर 25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी महिला को अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।

🏨 अमृतसर के होटल में दुपट्टे से घोंटा था मासूम का दम, गुरुद्वारे में शव फेंककर फरार हुई थी कलयुगी मां

यह रूह कंपा देने वाला और दिल को दहला देने वाला पूरा मामला अगस्त 2022 का है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी मां मनिंदर कौर उर्फ सिम्मी पारिवारिक विवाद या मानसिक संकीर्णता के चलते अपनी तीन वर्षीय मासूम बेटी दिवजोत कौर को अपने साथ लेकर अमृतसर गई थी। वहाँ उसने एक बेहद खौफनाक और अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया: अमृतसर के एक होटल के बंद कमरे में उसने अपनी ही सगी मासूम बेटी का दुपट्टे से बेरहमी से गला घोंटकर उसे हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद, वह कानून से बचने के लिए बच्ची के निष्प्राण शव को अमृतसर के ही एक पवित्र गुरुद्वारा साहिब परिसर में लावारिस हालत में फेंककर खुद मौके से फरार हो गई। हरियाणा और पंजाब पुलिस के संयुक्त तालमेल और मुस्तैदी के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस हत्यारी महिला को पंजाब के राजपुरा रेलवे स्टेशन के पास से उसके बेटे के साथ गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की थी।

⚖️ कोर्ट में 72 लंबी सुनवाइयां और 29 चश्मदीद गवाह: पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर साबित हुआ गुनाह

मासूम दिवजोत कौर को इंसाफ दिलाने के लिए यमुनानगर पुलिस और जिला अभियोजन पक्ष (Prosecution) ने अदालत के समक्ष बेहद पुख्ता पैरवी की। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस का पूरा अदालती टाइमलाइन और कानूनी प्रक्रिया इस प्रकार रही:

  • 10 अगस्त 2022: यमुनानगर के थाना गांधी नगर में महिला के खिलाफ हत्या (IPC 302) का मुख्य मामला दर्ज हुआ।

  • 17 फरवरी 2023: पुलिस ने गहन वैज्ञानिक जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और कड़ियों को जोड़ते हुए अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की।

  • 72 सुनवाइयां: इस अत्यंत संवेदनशील और भावनात्मक मामले में इंसाफ के तराजू तक पहुंचने के लिए अदालत में कुल 72 मैराथन सुनवाइयां हुईं। अदालत के भीतर आरोपी महिला के खिलाफ कुल 29 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और होटल के सीसीटीवी फुटेज व मेडिकल साक्ष्य पेश किए गए। इन पुख्ता सबूतों के आधार पर महिला का गुनाह कोर्ट में सौ फीसदी साबित हुआ और माननीय जज डॉ. सुखदा प्रीतम ने ममता को शर्मसार करने वाली इस महिला को समाज के लिए खतरा मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।

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