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छत्तीसगढ़

Janjgir Champa: जांजगीर में बीजेपी नेता पर दर्ज FIR कुछ ही घंटों में शून्य घोषित; एसपी ने ASI को किया लाइन अटैच

जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और प्रशासनिक हलचल बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। बीजेपी नेता अमर सुल्तानिया पर तालाब से अवैध मुरुम उत्खनन करने की शिकायत और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नैला पुलिस ने पहले तो दोनों पक्षों के खिलाफ क्रॉस एफआईआर (FIR) दर्ज की थी। लेकिन इस घटनाक्रम के महज कुछ ही घंटों के भीतर नैला पुलिस और जिला प्रशासन ने एक बड़ा यू-टर्न ले लिया। पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर हुई त्वरित जांच के बाद पुलिस ने ग्रामीणों और पंचों की शिकायत को पूरी तरह से खारिज कर दिया और बीजेपी नेता अमर सुल्तानिया के खिलाफ दर्ज हुए अपराध को ‘शून्य’ (Null and Void) घोषित कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई ने क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

📹 मुड़पार गांव के राम सागर बांधा तालाब का पूरा मामला: पंचों ने वीडियो बनाकर लगाया था अवैध मुरुम उत्खनन का आरोप

इस पूरे विवाद की जड़ें जनवरी महीने से जुड़ी हैं। नैला चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुड़पार गांव के ऐतिहासिक राम सागर बांधा तालाब में कथित तौर पर अवैध मुरुम उत्खनन को लेकर गांव के पंचों ने जनवरी माह से कई बार अकलतरा एसडीएम (SDM) को लिखित आवेदन दिया था, लेकिन लंबे समय तक इस मामले में कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद, बीते 18 मई को कुछ लोग चैन माउंटेन और जेसीबी (JCB) मशीनों के साथ हाइवा वाहनों में मुरुम लोड करने लगे। इसकी भनक लगते ही गांव के पंच और ग्रामीण भारी संख्या में मौके पर पहुंचे, जहां बीजेपी नेता अमर सुल्तानिया अपने कुछ सहयोगियों के साथ मौजूद थे। ग्रामीणों ने मौके पर ही बीजेपी नेता पर सत्ता के रसूख के बल पर अवैध उत्खनन करने का सीधा आरोप लगाते हुए अपने मोबाइल से इसका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों की ओर से नैला चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।

⚖️ नैला पुलिस ने पहले दर्ज की थी दोनों पक्षों पर क्रॉस FIR: एसपी विजय कुमार पाण्डेय के आदेश पर हुई मामले की सघन जांच

जांजगीर-चांपा कोतवाली थाना प्रभारी जय प्रकाश गुप्ता ने पूरे मामले की कड़ियों को स्पष्ट करते हुए बताया कि पंचों द्वारा शिकायत दर्ज कराने के कुछ समय बाद ही बीजेपी नेता अमर सुल्तानिया के क्रशर प्लांट के सुरक्षाकर्मियों ने भी थाने में प्रति-शिकायत दर्ज कराई। सुरक्षाकर्मियों का आरोप था कि प्रहलाद गिर गोस्वामी और अन्य पंचों ने उनके साथ प्लांट परिसर में घुसकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस पर नैला पुलिस ने प्रहलाद गिर गोस्वामी और अन्य ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद 19 मई की शाम को ग्रामीण दोबारा थाने पहुंचे और दबाव बनाकर अमर सुल्तानिया और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 115(2), और 3(5) के तहत केस दर्ज करवा दिया। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों पर एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद मामला गर्मा गया, जिसके बाद एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने इसकी गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए।

👮 एएसआई (ASI) कृष्ण कुमार कोसले पर गिरी गाज, किए गए लाइन अटैच: चौकी प्रभारी को बिना बताए मनमाने तरीके से लिखी थी FIR

विभागीय जांच में सामने आया कि नैला चौकी में पदस्थ एएसआई (ASI) कृष्ण कुमार कोसले द्वारा इस हाई-प्रोफाइल मामले में एफआईआर दर्ज करने के दौरान भारी लापरवाही और नियमों की अनदेखी की गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने कड़ा रुख अपनाते हुए एएसआई कृष्ण कुमार कोसले को तत्काल प्रभाव से ‘लाइन अटैच’ (विभागीय दंडात्मक कार्रवाई) कर दिया। जांच में इस बात का भी सनसनीखेज खुलासा हुआ कि 18 मई की रात को ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन पर, एएसआई ने अपने ही चौकी प्रभारी (TI) को भनक लगे बिना और उच्च अधिकारियों को बिना किसी सूचना दिए, 19 मई को मनमाने तरीके से बीजेपी नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी थी। अधिकारियों से तथ्य छुपाने और प्रक्रिया का उल्लंघन करने के कारण ही पुलिस ने बीजेपी नेता के खिलाफ दर्ज केस को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। कोतवाली थाना प्रभारी के अनुसार, क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है और मामले के अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच अभी जारी है।

JANJGIR CHAMPA DISPUTE

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