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Rajasthan Cabinet Decisions: राजस्थान में पेंशनर्स को बड़ी राहत; घर बैठे मोबाइल ऐप से दे सकेंगे जीवन प्रमाण पत्र

जयपुर: राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार की कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की उच्च स्तरीय बैठक में आम जनता और सरकारी कर्मचारियों के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में राज्य के लाखों पेंशनर्स को एक बहुत बड़ी राहत देने का निर्णय लिया गया है। अब बुजुर्ग पेंशनर्स को अपना अस्तित्व साबित करने के लिए बैंकों या सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि वे घर बैठे ही मोबाइल ऐप के जरिए खुद के जीवित होने का डिजिटल प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate) दे सकेंगे।

इसके साथ ही सरकार ने नियमों को सरल बनाते हुए प्रावधान किया है कि ‘नॉन-गजेटेड ऑफिसर्स’ (गैर-राजपत्रित अधिकारी) भी अब जीवन प्रमाण पत्र प्रमाणित कर जारी कर सकेंगे। पेंशनभोगियों की इन सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से ‘राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996’ में महत्वपूर्ण संशोधनों को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

⛽ ईंधन की बचत के लिए जनप्रतिनिधियों से खास अपील: प्रदेश में 262 नए स्थानों पर खोले जाएंगे हाई-टेक ईवी चार्जिंग स्टेशन

कैबिनेट की इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया।

उन्होंने बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों (विधायकों, सांसदों और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों) से विशेष अपील की है कि वे अपने-अपने स्तर पर डीजल और पेट्रोल की बचत करने के बारे में स्व-विवेक से कड़े निर्णय लें और समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाएं। ईंधन की बचत को धरातल पर उतारने के लिए राज्य में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम (सार्वजनिक परिवहन) को और अधिक आधुनिक व सुगम बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, पर्यावरण अनुकूल यातायात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के 262 चिन्हित स्थानों पर बड़े पैमाने पर नए और आधुनिक ईवी (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

🚰 भीषण गर्मी में बिजली-पानी की किल्लत पर सरकार सख्त: प्रभार वाले जिलों में जाकर ग्राउंड मॉनिटरिंग करेंगे कैबिनेट मंत्री

राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश की जनता को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने पर विशेष फोकस रहा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के बिजली और पानी संकट की समीक्षा करते हुए सभी मंत्रियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

सभी मंत्रियों को तुरंत अपने-अपने प्रभार वाले जिलों (In-charge Districts) का दौरा करने और वहां स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक कर निर्बाध बिजली-पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने को कहा गया है। मंत्रियों को फील्ड में जाकर सप्लाई चेन की लाइव मॉनिटरिंग करनी होगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी अपरिहार्य कारण से मंत्री जिलों के दौरे पर नहीं जा पाते हैं, तो वे अनिवार्य रूप से जयपुर से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए हर जिले के जिला कलेक्टरों और लाइन डिपार्टमेंट के इंजीनियरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे।

🏭 नई औद्योगिक विकास नीति को कैबिनेट की हरी झंडी: समय पर एनओसी न मिलने पर स्वतः (Deemed) मिलेगी मंजूरी

प्रदेश में निवेश की रफ्तार बढ़ाने और रोजगार सृजन के उद्देश्य से कैबिनेट बैठक में राज्य की ‘नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी’ (New Industrial Development Policy) को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है। इस नई नीति के तहत राजस्थान में नए उद्योग और स्टार्टअप लगाने वाले उद्यमियों को प्रशासनिक स्तर पर बड़े पैमाने पर राहत दी गई है।

अब लालफीताशाही को खत्म करने के लिए प्रावधान किया गया है कि यदि किसी उद्योगपति को एक निश्चित समय-सीमा के अंदर संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिलता है, तो उसे ‘स्वतः मंजूर’ (Deemed Approval) मान लिया जाएगा। इसके साथ ही उद्योगों के विभिन्न रिन्यूअल कार्यों को ‘ऑटो रिन्यूअल’ मोड पर शिफ्ट कर दिया गया है, जिससे व्यापारियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। इस नीति की सबसे बड़ी बात यह है कि अब ‘डेटा सेंटर’ (Data Centers) और ‘लॉजिस्टिक्स केंद्रों’ को भी पूर्ण रूप से ‘उद्योग’ का दर्जा दे दिया गया है, जिससे उन्हें बिजली और ऋण में औद्योगिक रियायतें मिल सकेंगी।

🌾 पीएम मोदी के लिए कैबिनेट में अभिनंदन प्रस्ताव पारित: संयुक्त राष्ट्र के ‘एग्रीकोला मेडल’ मिलने पर जताई खुशी

इन तमाम महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों के साथ ही राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति एक विशेष आभार और अभिनंदन प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।

यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री को वैश्विक कृषि विकास, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारत सहित दुनिया भर के किसानों के आर्थिक उत्थान में उनके द्वारा किए गए अभूतपूर्व योगदान के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) के ‘खाद्य एवं कृषि संगठन’ (FAO) द्वारा प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’ (Agricola Medal) से सम्मानित किए जाने की खुशी में लाया गया। कैबिनेट ने इसे पूरे देश और राजस्थान के किसान भाइयों के लिए एक बेहद गौरवशाली वैश्विक उपलब्धि बताया।

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